​छात्रों से दुर्व्यवहार पर गरजी अभाविप: मुंगेर विवि ने बदला परीक्षा केंद्र, आरोपी शिक्षक पर जांच और कार्रवाई तय

  • Post By Admin on Sep 21 2026
​छात्रों से दुर्व्यवहार पर गरजी अभाविप: मुंगेर विवि ने बदला परीक्षा केंद्र, आरोपी शिक्षक पर जांच और कार्रवाई तय

लखीसराय : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, लखीसराय जिला इकाई द्वारा छात्र-छात्राओं की समस्याओं और 19 सितंबर 2026 को आयोजित स्नातकोत्तर द्वितीय सत्र की परीक्षा के दौरान आर.डी. महाविद्यालय, शेखपुरा में के.एस.एस. महाविद्यालय, लखीसराय के विद्यार्थियों के साथ हुई कथित मारपीट व दुर्व्यवहार के गंभीर मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष पुरजोर आवाज उठाई गई। घटना के तुरंत बाद विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने मुंगेर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति महोदय को लिखित आवेदन सौंपकर संबंधित मामले में दोषी शिक्षक पर तत्काल कार्रवाई की मांग की तथा विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।

विद्यार्थी परिषद के इस व्यापक आंदोलन और दबाव के आगे झुकते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया और के.एस.एस. महाविद्यालय, लखीसराय के परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र आर.डी. महाविद्यालय, शेखपुरा से बदलकर बी.एन.एम. महाविद्यालय, बड़हिया कर दिया। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटना में शामिल संबंधित शिक्षक के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने तथा विद्यार्थियों के साथ हुए दुर्व्यवहार के पूरे मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच कराने का औपचारिक आश्वासन दिया है। विद्यार्थी परिषद ने इस निर्णय को छात्र-छात्राओं के अधिकार, सम्मान और न्याय की लड़ाई में एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

इस पूरे आंदोलन का संचालन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, लखीसराय जिला के जिला संयोजक मनीष यदुवंशी एवं साहिल प्रकाश के संयुक्त नेतृत्व में किया गया, जहां संगठन की पूरी टोली मौके पर डटी रही। मामले पर मनीष यदुवंशी ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। विद्यार्थी परिषद ने इस प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष पूरी मजबूती से अपनी बात रखी और धरना-प्रदर्शन किया। परीक्षा केंद्र का परिवर्तन तथा संबंधित शिक्षक पर कार्रवाई व जांच का आश्वासन विद्यार्थियों की एकजुटता और सतत संघर्ष का ही सुखद परिणाम है, और विद्यार्थी परिषद आगे भी छात्र हितों, मान-सम्मान एवं अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।

वहीं साहिल प्रकाश ने कहा कि परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त परिवेश मिलना उनका बुनियादी अधिकार है। 19 सितंबर की घटना के तुरंत बाद विद्यार्थी परिषद ने तत्परता से संज्ञान लेते हुए माननीय कुलपति महोदय को आवेदन सौंपा और विश्वविद्यालय प्रांगण में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा केंद्र को बी.एन.एम. महाविद्यालय, बड़हिया स्थानांतरित करने तथा संबंधित प्रकरण में गहन जांच व कड़ी कार्रवाई का भरोसा देना विद्यार्थियों की सामूहिक आवाज की विजय है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि भविष्य में भी विद्यार्थियों के साथ अन्याय हुआ, तो परिषद कभी मूकदर्शक बनकर चुप नहीं बैठेगी।

धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन के दौरान विद्यार्थी परिषद की ओर से जिला संयोजक सचिन कुमार, विभाग संयोजक कुणाल कुमार, विक्की आनंद, हर्ष राज एवं अभय कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता व बड़ी संख्या में पीड़ित छात्र मौके पर उपस्थित रहे। अंत में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, लखीसराय जिला इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन से यह पुरजोर मांग की कि पूरे प्रकरण की बिना किसी पक्षपात के निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांचोपरांत दोषी पाए जाने वाले संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी विद्यार्थी के साथ इस प्रकार की अमर्यादित घटना की पुनरावृत्ति न हो सके। यह आधिकारिक जानकारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, लखीसराय द्वारा जारी की गई है।