भाजपा में शामिल हुए निर्दलीय MLC पर जन सुराज का कानूनी दांव

  • Post By Admin on Nov 03 2026
भाजपा में शामिल हुए निर्दलीय MLC पर जन सुराज का कानूनी दांव

पटना: बिहार की राजनीति में निर्दलीय विधान पार्षद वंशीधर बृजवासी और राहुल राज के भाजपा में शामिल होने का मामला अब संवैधानिक और कानूनी बहस का विषय बन गया है। दोनों नेताओं की विधान परिषद सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर जन सुराज के प्रतिनिधिमंडल ने 2 नवंबर 2026 को बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति प्रो. डॉ. रामवचन राय से मुलाकात की। पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में याचिका सौंपते हुए संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत कार्रवाई की मांग की।

किशोर कुमार मुन्ना ने कहा कि तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित वंशीधर बृजवासी और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित राहुल राज ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतने के 72 घंटे के भीतर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनके अनुसार, संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के तहत निर्दलीय निर्वाचित सदस्य यदि चुनाव के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होता है तो उसकी सदस्यता समाप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने सभापति से पूरे मामले पर संज्ञान लेने और संबंधित नेताओं को नोटिस जारी करने की मांग की है। जन सुराज ने भारत निर्वाचन आयोग, बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मुख्य सचिव और संबंधित आयुक्त को भी मामले में पक्षकार बनाया है।

किशोर कुमार मुन्ना के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने पेन ड्राइव के माध्यम से सभापति को आवश्यक साक्ष्य भी सौंपे हैं। इनमें समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरें, मीडिया में दिए गए बयान और भाजपा में शामिल होने से संबंधित अन्य सामग्री शामिल है। उन्होंने दावा किया कि दोनों नेताओं ने सार्वजनिक रूप से भाजपा की सदस्यता लेने की बात स्वीकार की है। वहीं, पूर्व विधान पार्षद रामबली सिंह चंद्रवंशी ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने सभापति के समक्ष मामले की गंभीरता रखते हुए शीघ्र न्यायोचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि सभापति ने मामले को गंभीर बताते हुए कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श लेने और नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।

रामबली चंद्रवंशी ने विश्वास जताया कि सभापति संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।इस मुलाकात के बाद बिहार की राजनीति में विधान परिषद के दोनों सदस्यों की सदस्यता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, फिलहाल यह जन सुराज की ओर से की गई मांग है। दोनों नेताओं की सदस्यता पर अंतिम निर्णय विधान परिषद के सक्षम प्राधिकारी द्वारा संबंधित संवैधानिक प्रावधानों और तथ्यों की जांच के बाद ही लिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, पूर्व एमएलसी रामबली सिंह चंद्रवंशी, सुभाष कुशवाहा, तेज नारायण सहनी, सुरेश पटेल, ओबैदुर रहमान सहित अन्य सदस्य शामिल थे।