विविध समाचार

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अपने उदार व्यक्तित्व के कारण ही श्रीबाबू हुए विख्यात
  • Post by Admin on Oct 21 2020

मुजफ्फरपुर : डॉक्टर श्री कृष्ण सिंह सेवा समिति के तत्वावधान में बिहार केसरी डॉ श्रीकृष्ण सिंह के जयंती का आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉक्टर अशोक कुमार शर्मा के आवास पर संपन्न हुआ।श्रीबाबू के चित्र पर माल्यार्पण करने के बाद साहित्यकार और बेला पत्रिका के संपादक डॉ संजय पंकज की अध्यक्षता में विचार गोष्ठी का प्रारंभ हुआ जिसमें विषय प्रवेश कराते हुए डॉ अशोक शर्मा ने कहा कि श्री बाबू नि   read more

निराला निकेतन में महावाणी स्मरण का आयोजन
  • Post by Admin on Oct 07 2020

मुजफ्फरपुर: बुधवार को निराला निकेतन में बेला पत्रिका के तत्वावधान में आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री की स्मृति में मासिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कवि गीतकार डॉ. संजय पंकज, डॉ. देवव्रत अकेला, कवयित्री डॉ. कुमारी अनु, राम इकबाल सिंह राकेश स्मृति समिति के सचिव ब्रज भूषण शर्मा, पत्रकार राजकुमार ठाकुर, जय मंगल मिश्र आदि कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस दौरान सभी ने आचार   read more

मालजाल से माल तक
  • Post by Admin on Oct 06 2020

छुटपन में जब आँखें खुलीं , तब नाँद के सानी-पानी में थुथुन डुबाकर दाना-पानी के लिए रगड़ा करते बैल , मोटी चितकबरी भैंस , गाय और उनके बछड़ों जैसे 'मालजाल' के बीच खुद को पाया ! उनके गले में मंदिर की सबसे छोटी घंटी के समान बंधी टुनटुनाती हुई घंटियों की सुमधुर ध्वनियाँ मन के तार को झंकृत करतीं ! तब यदा - कदा चरवाहे को चितकबरी भैंस की पीठ पर आसन जमाकर चरवाही करते देख , मैं भी उसके समकक्ष नैसर्गिक   read more

जग में पुस्तक से बड़ा, दोस्त न कोई और
  • Post by Admin on Sep 23 2020

जग में पुस्तक से बड़ा , दोस्त न कोई और /शीर्ष पर पहुँचाए यह , मिले न वरना ठौर । सिमुलतला आवासीय विद्यालय में आनलाइन हिन्दी पखवारांतर्गत  छंद लेखन प्रतियोगिता का परिणाम संयोजक डा. सुधांशु कुमार ने घोषित किया । इसके अंतर्गत प्रथम  स्थान  आराध्या , पलक सुहानी , शांतनू और प्रतीक कुमार ने प्राप्त किया द्वितीय स्थान आकृति , आदित्य और राहुल ने एवं तृतीय स्थान प्रिंस और आदित्य ने प्राप्त   read more

पूर्व जन्म के पूण्य से , मिले पिता भगवान
  • Post by Admin on Sep 22 2020

पालन पोषण प्यार-धन , प्रेम हर्ष मुस्कान  / पूर्व जन्म के पूण्य से , मिले पिता भगवान । सिमुलतला आवासीय विद्यालय में मनाए जा रहे आनलाइन हिन्दी पखवारा के क्रम में मंगलवार को आठवीं कक्षा का परिणाम कार्यक्रम के संयोजक डा. सुधांशु कुमार ने जारी किया । विभिन्न कक्षाओं के बीच आयोजित की जा रही छंद लेखन प्रतियोगिता के क्रम में आठवीं कक्षा के छात्रों को दो विषय दिए गए थे - पिता एवं पेड़ । छात्रो   read more

छंद भाव मुक्ति का साधन है : डॉ. सुधांशु कुमार
  • Post by Admin on Sep 20 2020

छंद ही भाव मुक्ति का सशक्त साधन और कविता का प्राणतत्व है। इसी के कारण हजारों वर्षों की यात्रा तय करके सनातन वैज्ञानिक संस्कृति का संवाहक वेद हमारे बीच विद्यमान है इसीलिए पाणिनी ने छंद को वेद पुरुष का पैर कहते हुए लिखा है -   छंदः पादौ तु वेदस्य हस्तौकल्पो$थपठ्यते ।   ज्योतिषामयनं चक्षु निरुक्तं श्रोत्रमुच्यते ।।   शिक्षाप्राणस्तुवेदस्य मुखं तु व्याकरणं स्मृतं ।    read more

साहित्य अपने समय का सच्चा इतिहास होता है : डा. सुधांशु कुमार
  • Post by Admin on Sep 19 2020

साहित्य अपने समय का सच्चा इतिहास होता है । यदि किसी कालखंड का सच्चा इतिहास जानना हो तो उस वक्त के साहित्य का गहन अनुशीलन करना चाहिए क्योंकि सच्चा इतिहास जानने का सबसे ईमानदार माध्यम साहित्य है  । आजकल जिस प्रकार इतिहासकारों ने 'गैंग' बनाकर  राष्ट्र की गरिमा को धूमिल करने एवं अपने युवा शक्ति को बरगलाने के विदेशी एजेंडे को आगे बढ़ाने का कार्य किया हैं , यह चिंतनीय है । उक्त बाते   read more

हिन्दी संस्कार और संस्कृति की भाषा है : डा. सुधांशु कुमार
  • Post by Admin on Sep 17 2020

हिन्दी संस्कार और संस्कृति की भाषा है । आज कार नहीं , संस्कार की जरूरत है जिसके बिना संतुलित जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती । उक्त बातें व्यंग्यकार डा. सुधांशु कुमार ने सिमुलतला आवासीय विद्यालय में मनाए जा रहे ऑनलाइन हिन्दी पखवाड़ा के अंतर्गत अपने वक्तव्य में कही । यह ज्ञात हो कि कोरोना के कारण विद्यालय में  महाकवि राम इकबाल सिंह राकेश साहित्य परिषद के अंतर्गत ऑनलाइन  हिन्दी पख   read more

घर-घर में बने हिंदी का माहौल, मातृभाषा बोलने में करें गौरव का अनुभव
  • Post by Admin on Sep 14 2020

हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाना है तो इसके लिए घर-घर में माहौल बनाना होगा। बच्चों को सिखाना होगा कि वे गुड मार्निंग नहीं, राम-राम करें। ट्विंकल-ट्विंकल लिटिल स्टार भले ही पढ़ें लेकिन मां मुझे बंदूक दिला दे, मैं भी लड़ने जाऊंगा और उठो लाल अब आंखें खोलो... को कंठस्थ करें ताकि जब बड़े हों तो मातृभाषा बोलने में गौरव का अनुभव करें... ये बातें हिंदी दिवस के अवसर पर थिएटर एंड फिल्म एसोसिएशन द्वा   read more

जानकीवल्लभ शास्त्री व रामवृक्ष बेनीपुरी मुजफ्फरपुर के विराट वैभव थे : डॉ संजय
  • Post by Admin on Sep 07 2020

निराला निकेतन के मासिक आयोजन महावाणी स्मरण गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए हिंदी के कवि और अंग्रेजी के विद्वान डॉ देवव्रत अकेला ने कहा कि आचार्य जी के इस स्मारक पर आकर हमें लगता है कि वे उपस्थित हैं और हमें आशीर्वाद दे रहे हैं। यह निराला निकेतन साहित्य तीर्थ है जहां से अब तक साहित्य की कई मजबूत पीढ़ियां निकली है और आज भी यहां आकर अपने को संस्कारित करती हैं ।हिंदी गीत कविता के श्रेष्ठ   read more