विविध समाचार

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इतिहास के पन्नों में: 31 दिसंबर
  • Post by Admin on Dec 30 2021

इतिहासाचार्य राजवाडेः देश के सुप्रसिद्ध इतिहासकार, टिप्पणीकार, लेखक और श्रेष्ठ वक्ता विश्वनाथ काशीनाथ राजवाडे का 31 दिसंबर 1926 को निधन हो गया। संस्कृत के प्रकांड विद्वान विश्वनाथ काशीनाथ अपने योगदान के कारण इतिहासाचार्य राजवाडे के नाम से भी जाने जाते हैं। विश्वनाथ काशीनाथ राजवाडे का जन्म 24 जून 1863 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के वरसई गांव में हुआ। उन्होंने 1890 में पुणे के डेक   read more

इतिहास के पन्नों मेंः 21 दिसम्बर
  • Post by Admin on Dec 20 2021

मतदान की आयु घटकर 18 सालः भारतीय मतदान प्रक्रिया में सुधारवादी कदम के लिहाज से 21 दिसम्बर महत्वपूर्ण तिथि है। साल 1988 में आज के दिन ही संसद ने 62वें संविधान संशोधन के जरिये मतदान की उम्र 21 वर्ष से घटाकर 18 साल करने संबंधी विधेयक को मंजूरी दी। जनता की तरफ से लगातार इस संबंध में मांग की जा रही थी, जिसे पूरा करने का नतीजा यह निकला कि 1989 में संपन्न हुए 10वें आम चुनाव में 18-21 वर्ष की आयु वर्ग के   read more

शाह ने ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन पर जताया शोक
  • Post by Admin on Dec 15 2021

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडू के कुन्नुर में हुए हेलीकॉप्टर दुर्घटना में घायल ग्रुप कैप्टन वरूण सिंह के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। शाह ने बुधवार को ट्वीट कर कहा, “कुन्नूर में हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बाद चोटों से जूझ रहे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ। ईश्वर वीर की आत्मा को शांति दे और उनके परिवार को शक्ति प्रदा   read more

इतिहास के पन्नों मेंः 11 दिसंबर
  • Post by Admin on Dec 10 2021

ओशो का जन्मः आलोचना और विवादों से जीवनपर्यंत घिरे रहने के बावजूद धार्मिक व वैचारिक रूढ़िवादिता के कटु आलोचक एवं तर्कवादी, आचार्य रजनीश का जन्म 11 दिसंबर 1931 को मध्य प्रदेश के कुचवाड़ा में हुआ। शुरू में उनका नाम चंद्रमोहन जैन था, जिनका बचपन से ही दर्शन की तरफ झुकाव रहा। जबलपुर में पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने जबलपुर विवि में लेक्चरर के तौर पर काम किया। जल्द ही उन्होंने नौकरी   read more

इतिहास के पन्नों मेंः 8 दिसंबर
  • Post by Admin on Dec 07 2021

आधुनिक नृत्य के जन्मदाताः विश्व प्रसिद्ध नर्तक और कोरियोग्राफर उदय शंकर का जन्म उदयपुर में 6 दिसंबर 1900 को हुआ। मूल रूप से वे नरैल (अब बांग्लादेश) के एक बंगाली परिवार से संबंध रखते थे। उदय शंकर की शुरुआती पढ़ाई नसरतपुर, गाजीपुर, वाराणसी और झालावाड़ में हुई। अट्ठारह साल की उम्र में उन्हें जेजे स्कूल ऑफ आर्ट और उसके बाद गंधर्व महाविद्यालय में प्रशिक्षण के लिए मुंबई भेजा गया। हालां   read more

इतिहास के पन्नों मेंः 07 दिसंबर
  • Post by Admin on Dec 06 2021

बाघा जतीन का जन्मः ब्रिटिश शासन के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंकने वाले युगान्तर पार्टी के मुख्य नेता यतीन्द्रनाथ मुखर्जी का जन्म 07 दिसंबर 1879 को जैसोर में हुआ। कहा जाता है कि 27 साल की उम्र में जंगल से गुजरने के दौरान उनका सामना रॉयल बंगाल टाइगर से हो गया और अपने हंसिये से उन्होंने बाघ का सामना करते हुए उसे मार गिराया। इस घटना के बाद से ही उनका नाम 'बाघा जतिन' मशहूर हो गया। उन्ह   read more

इतिहास के पन्नों मेंः 5 दिसंबर
  • Post by Admin on Dec 04 2021

मुगल इतिहास में उत्तराधिकार की लड़ाईः यह इंसानों के साथ इंसानियत के कत्ल की भी कहानी है। इन्हीं में से एक कहानी शुरू होती है, पिता शाहजहां के बाद उसके बेटों के खुद के बादशाह घोषित करने से। शाहजहां के इन बेटों में से मुराद बख्श ने खुद को 05 दिसंबर,1657 को अपने पिता के उत्तराधिकारी होने का एलान किया था। हुआ यूं कि उस साल नवंबर में शाहजहां बीमार हुआ तो उसने अपने चार बेटों दारा शिकोह, शाह शुज   read more

इधर ला नीना बर्पायेगा सर्द कहर, उधर पराली घोलेगी हवा में ज़हर
  • Post by Admin on Nov 15 2021

जहाँ एक और ला नीना के लगातार दूसरे साल प्रकट होने से मौसम विज्ञानी एक तीव्र सर्दी अपेक्षित कर रहे हैं, वहीँ उत्तर भारत में आने वाले महीनों में गंभीर वायु प्रदूषण भी अपेक्षित है। अक्टूबर में भले ही पराली जलाने की घटनाओं की कम संख्या और व्यापक बारिश और हिमपात ने प्रदूषण को नियंत्रण में रखा, लेकिन स्थिति अब बदलती दिख रही है। तापमान में गिरावट और अन्य मौसम संबंधी वजहों, जैसे हवा की   read more

भारत ने ज़ीरो एमिशन वेहिकल्स को प्राथमिकता देने का लिया संकल्प
  • Post by Admin on Nov 15 2021

इस ग्लासगो समझौते ने की पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए सड़क के अंत की शुरुआत दुनिया के चौथे सबसे बड़ा ऑटो बाज़ार, भारत ने रवांडा, केन्या के साथ संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP26) में, अपने बाजारों में शून्य उत्सर्जन वाहनों (ZEV) के ट्रांजिशन में तेजी लाने के लिए प्रतिबद्धता दिखाते हुए एक समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। साथ ही, कनाडा, यूके और मैक्सिको सहित 30 देशों और छह प   read more

भारत की कूटनीतिक जीत, मगर जलवायु वित्त का वादा रहा
  • Post by Admin on Nov 15 2021

जहाँ एक ओर COP26 को कोयले की काली हकीक़त को दुनिया के सामने लाने के लिए याद रखा जायेगा, वहीँ दूसरी ओर इसे भारत की एक कूटनीतिक जीत के रूप में भी लिया जायेगा। ग्लासगो में सम्पन्न हुए संयुक्त राष्ट्र के 26वें जलवायु महासम्मेलन के आख़िरी क्षणों ने भारत ने दुनिया को विकासशील देशों की प्राथमिकताओं और उनकी व्यावहारिक समस्याओं को समझने और मानने पर कायल कर लिया और न सिर्फ़ ग्लासगो समझौते की भा   read more