धन्वंतरि जयंती पर प्रकृति की सेवा का संकल्प, पर्यावरण भारती ने चलाया पौधारोपण अभियान
- Post By Admin on Nov 06 2026
लखीसराय : भगवान धन्वंतरि जयंती और युद्ध एवं सशस्त्र संघर्ष में पर्यावरण के शोषण की रोकथाम के अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर पर्यावरण भारती की ओर से चानन प्रखंड के इटौन, मननपुर में पौधारोपण अभियान चलाया गया। शुक्रवार, 6 नवंबर को आयोजित इस कार्यक्रम में फलदार और छायादार प्रजातियों के कुल सात पौधे लगाए गए। इनमें आम के चार, जामुन का एक, पीपल का एक और बरगद का एक पौधा शामिल है।
पौधारोपण कार्यक्रम का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी शक्ति कुमार महतो ने किया, जबकि रणजीत कुमार महतो ने सहयोग दिया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के साथ प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया गया। पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शांडिल्य ने कहा कि भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद का जनक और आरोग्य का देवता माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान वे अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को उनकी जयंती मनाई जाती है, जिसे धनतेरस के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन धरोहर है और स्वस्थ जीवन के लिए प्रकृति का संरक्षण जरूरी है। शांडिल्य ने लोगों से धन्वंतरि जयंती पर अधिक से अधिक पौधे लगाने, जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने तथा चिकित्सकों का सम्मान करने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि मानव और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना स्वस्थ समाज के लिए आवश्यक है।
वहीं, पर्यावरणविद विनोद उपाध्याय ने 6 नवंबर को मनाए जाने वाले युद्ध एवं सशस्त्र संघर्ष में पर्यावरण के शोषण की रोकथाम के अंतरराष्ट्रीय दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2001 में इस दिवस को मनाने की पहल की थी। इसका उद्देश्य युद्ध के दौरान जंगलों, नदियों, जलस्रोतों, कृषि भूमि और वन्यजीवों को होने वाले नुकसान के प्रति वैश्विक स्तर पर जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि युद्ध का प्रभाव केवल मानव जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। पर्यावरण संरक्षण, विश्व शांति और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रकृति की रक्षा जरूरी है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पेड़, जल और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने का संदेश देते हुए कहा कि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, तभी मानव सभ्यता का भविष्य भी सुरक्षित रह सकेगा। इस दौरान शक्ति कुमार महतो, रणजीत कुमार महतो, सत्येंद्र कुमार, श्रवण कुमार, विनोद उपाध्याय, अनिकेत कुमार, राम बिलास शांडिल्य, संदीप कुमार, दीपक सुंदरम, ओंकार नाथ सिंह, संजय कुमार और राकेश कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।