जियो और टी-मोबाइल की ग्लोबल पार्टनरशिप: यूएस जाने वाले भारतीयों को मिलेगी लो-लेटेंसी और अल्ट्रा-हाई स्पीड

  • Post By Admin on Sep 21 2026
जियो और टी-मोबाइल की ग्लोबल पार्टनरशिप: यूएस जाने वाले भारतीयों को मिलेगी लो-लेटेंसी और अल्ट्रा-हाई स्पीड

मुंबई : भारत और अमेरिका के बीच यात्रा करने वाले मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए टेलीकॉम जगत से एक बड़ी और क्रांतिकारी खबर सामने आई है। देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो और अमेरिकी टेलीकॉम दिग्गज टी-मोबाइल ने हाथ मिलाते हुए दुनिया की पहली 5G स्टैंडअलोन (SA) इंटरनेशनल रोमिंग कनेक्टिविटी शुरू करने का दावा किया है। इस नई तकनीकी साझेदारी के बाद अब अमेरिका जाने वाले जियो ग्राहकों को वहां कदम रखते ही टी-मोबाइल के अत्याधुनिक 5G स्टैंडअलोन नेटवर्क की निर्बाध सुविधा मिलने लगेगी, जबकि अमेरिका से भारत आने वाले टी-मोबाइल यूजर्स सीधे जियो के देशव्यापी 5G स्टैंडअलोन नेटवर्क से जुड़ जाएंगे।

यह तकनीकी समझौता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो देशों के अत्याधुनिक 5G स्टैंडअलोन नेटवर्क्स को आपस में सीधे जोड़ने का दुनिया का पहला सफल उदाहरण बन गया है। इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बॉर्डर पार करते ही यात्रियों को नेटवर्क स्विचिंग या पुराने 4G/LTE आधारित रोमिंग की सुस्त गति का सामना नहीं करना पड़ेगा। ग्राहकों को अल्ट्रा-फास्ट इंटरनेट स्पीड, बेहद कम लेटेंसी (विलंबता) और अत्यधिक स्थिर व भरोसेमंद कनेक्टिविटी का अनुभव मिलेगा। इससे यात्रा के दौरान हाई-क्वालिटी वीडियो स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया पर रील्स अपलोड करना या बिना किसी रुकावट के ऑफिस के भारी-भरकम कॉर्पोरेट ऐप्लिकेशंस संचालित करना बेहद आसान हो जाएगा।

साझेदारी पर विचार साझा करते हुए टी-मोबाइल के चीफ नेटवर्क ऑफिसर अंकुर कपूर ने कहा कि किसी ग्राहक का एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप पहुंचने के बावजूद 5G स्टैंडअलोन अनुभव का निर्बाध बने रहना ही इस नई तकनीक की असली ताकत को दर्शाता है। वहीं, जियो के हेड-इंटरनेशनल नेटवर्क, पार्टनरशिप एंड सर्विसेज मार्क यारकोस्की ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक करार देते हुए स्पष्ट किया कि यह कदम केवल साधारण डेटा और कॉलिंग रोमिंग तक सीमित नहीं है। दो बड़े 5G SA नेटवर्क्स का यह वैश्विक मेल आने वाले समय में आम उपभोक्ताओं और एंटरप्राइज सेक्टर के लिए नेक्स्ट-जेनरेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित अत्याधुनिक डिजिटल सेवाओं के नए द्वार खोलेगा।

इस जटिल और उच्च-स्तरीय क्रॉस-बॉर्डर रोमिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को धरातल पर उतारने में वैश्विक कनेक्टिविटी कंपनी सिनिवर्स (Syniverse) के प्लेटफॉर्म ने केंद्रीय भूमिका निभाई है, जिसने दोनों महाशक्तियों के टेलीकॉम नेटवर्क्स को एक सुरक्षित, एन्क्रिप्टेड और त्रुटिहीन चैनल के जरिए आपस में जोड़ा है। यह सुविधा तत्काल प्रभाव से दोनों कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए सक्रिय हो रही है।