बछवाड़ा में अवैध मिट्टी खनन को लेकर चौकीदार पर वसूली का आरोप, डीजीपी और एसपी से शिकायत
- Post By Admin on Oct 27 2026
बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय जिले के बछवाड़ा में कथित अवैध मिट्टी खनन और पुलिसकर्मी की भूमिका को लेकर विवाद सामने आया है। एक आवेदक ने बछवाड़ा थाने में कार्यरत चौकीदार दीपक कुमार पासवान पर अवैध खनन के बदले प्रतिदिन रुपये लेने और पकड़े गए ट्रैक्टर चालकों को छुड़ाने के लिए कथित लेन-देन में भूमिका निभाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में आवेदक ने बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), बेगूसराय के डीआईजी और एसपी को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता दादुपुर पंचायत के वार्ड संख्या 13 निवासी दामोदर सिंह के पुत्र नितीश कुमार हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि मिट्टी खनन के एवज में चौकीदार दीपक कुमार पासवान उनसे प्रतिदिन एक हजार रुपये लेते थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि कथित भुगतान कुछ नकद और कुछ फोन-पे के माध्यम से किया गया था।
शिकायत में एक अन्य घटना का भी उल्लेख किया गया है। नितीश कुमार के अनुसार, एक बार पुलिस ने मिट्टी लदे उनके तीन ट्रैक्टर पकड़े थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद 35 हजार रुपये के कथित लेन-देन के जरिए दो ट्रैक्टर चालकों को पुलिस की पकड़ से छुड़ाने में चौकीदार की भूमिका रही। इन आरोपों की पुष्टि संबंधित साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही हो सकेगी। मामले की शिकायत मिलने के बाद बेगूसराय के एसपी ने जांच की जिम्मेदारी तेघड़ा इंस्पेक्टर को सौंपी। जांच अधिकारी जयप्रकाश यादव ने शिकायतकर्ता से आवश्यक पूछताछ की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने जांच के दौरान ऑनलाइन भुगतान से संबंधित बैंक विवरण, कथित लेन-देन के वीडियो और अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं।
हालांकि, शिकायतकर्ता ने जांच की प्रक्रिया पर असंतोष जताया है। उनका आरोप है कि मामले की निष्पक्ष जांच के बजाय इसे संबंधित चौकीदार के पक्ष में समाप्त किए जाने की आशंका है। यह शिकायतकर्ता का आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच अधिकारी या संबंधित चौकीदार का पक्ष इस संबंध में उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है। अब मामले में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत किए जाने का दावा किए गए बैंक विवरण, वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच किस तरह की जाती है। साथ ही, कथित अवैध खनन, प्रतिदिन रुपये लेने और ट्रैक्टर चालकों को छुड़ाने से जुड़े आरोपों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। यह प्रकरण अवैध खनन पर नियंत्रण, पुलिसकर्मियों की जवाबदेही और शिकायतों की निष्पक्ष जांच से जुड़े सवाल उठाता है। अब आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
:- राकेश यादव