संवेदना, संवाद और सह-अस्तित्व: मुजफ्फरपुर के RDS कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं विश्व अल्ज़ाइमर दिवस पर संगोष्ठी
- Post By Admin on Sep 21 2026
मुजफ्फरपुर : आरडीएस कॉलेज में सोमवार, 21 सितंबर को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस एवं विश्व अल्ज़ाइमर दिवस के संयुक्त उपलक्ष्य में एक विचारोत्तेजक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. शशि भूषण कुमार ने कहा कि शांति का अर्थ केवल संघर्ष की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि समाज में आपसी समझ, सहिष्णुता, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है। इसके साथ ही उन्होंने अल्ज़ाइमर जैसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल व्याधियों के प्रति आमजन में व्यापक जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाने की जरूरत रेखांकित की।
संगोष्ठी में विषय प्रवेश कराते हुए एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सौरभ राज ने विश्व अल्ज़ाइमर दिवस के तकनीकी, न्यूरोलॉजिकल और मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि अल्ज़ाइमर महज याददाश्त की कमजोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोगी के सोचने-समझने की क्षमता, आचरण, भावनात्मक संतुलन और दैनिक जीवन की कार्यक्षमता को पूरी तरह प्रभावित करता है। ऐसे मरीजों के प्रति परिवार और समाज के स्तर पर अत्यधिक धैर्य, सम्मान और संवेदना की आवश्यकता होती है। डॉ. राज ने मरीजों की देखभाल करने वाले परिजनों (केयरगिवर्स) के अपने मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के संरक्षण पर भी विशेष बल दिया।
राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. रजनीकांत पांडेय ने अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए सामाजिक सद्भाव, सह-अस्तित्व और मानवीय मूल्यों की रक्षा का संदेश दिया। उन्होंने उपस्थित युवा स्वयंसेवकों का आह्वान किया कि वे समाज में संवाद, शांति और सकारात्मक वैचारिक परिवर्तन लाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. सी. के. झा और डॉ. चौधरी संजय कुमार ने अल्ज़ाइमर पीड़ितों की समुचित देखभाल और सामाजिक जागरूकता पर अपने विचार साझा किए। वहीं एनएसएस स्वयंसेवक राज कुमार और अमित कुमार सहित अन्य युवाओं ने भी दोनों दिवसों के सामयिक महत्व पर वक्तव्य प्रस्तुत किए। संगोष्ठी में डॉ. अमृता कुमारी, डॉ. विंदु कुमारी, डॉ. अमोद कुमार, डॉ. ललित किशोर, डॉ. आलोक कुमार सहित कॉलेज के कई प्राध्यापक और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे। मंच संचालन और सत्र के समापन के उपरांत डॉ. अमिता त्रिवेदी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।