एएसजी हॉस्पिटल चलाएगा ‘सुरक्षित आंखें, सुरक्षित दिवाली’ अभियान, बच्चों को मिलेगी उपचार की सुविधा

  • Post By Admin on Nov 05 2026
एएसजी हॉस्पिटल चलाएगा ‘सुरक्षित आंखें, सुरक्षित दिवाली’ अभियान, बच्चों को मिलेगी उपचार की सुविधा

मुजफ्फरपुर : दीपावली के दौरान पटाखों से बच्चों की आंखों को होने वाले नुकसान से बचाने और दुर्घटना की स्थिति में समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एएसजी हॉस्पिटल लिमिटेड ने ‘सुरक्षित आंखें, सुरक्षित दिवाली’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत 15 वर्ष से कम उम्र के पटाखों से आंखों में चोट लगने वाले बच्चों को एएसजी आई हॉस्पिटल के केंद्रों पर कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के अंतर्गत उपचार की सुविधा दी जाएगी।

यह अभियान 5 से 12 नवंबर 2026 तक देश के 95 से अधिक शहरों में स्थित 200 से ज्यादा एएसजी आई हॉस्पिटल केंद्रों पर संचालित होगा। इसके तहत जरूरत के अनुसार प्राथमिक उपचार, आपातकालीन नेत्र चिकित्सा और सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि, दवाइयों और चश्मे जैसे ऑप्टिकल उत्पादों का खर्च इस पहल में शामिल नहीं है। इस सुविधा के लिए नियम एवं शर्तें लागू होंगी।

अभियान के संबंध में एएसजी हॉस्पिटल की ओर से बताया गया कि दीपावली के दौरान पटाखों से आंखों में चोट लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इनमें बच्चों की संख्या भी काफी होती है। आंख के कॉर्निया और सामने के हिस्सों में चोट लगना आम समस्या है। समय पर विशेषज्ञ से उपचार नहीं मिलने पर कुछ मामलों में दृष्टि को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। चोट लगने के शुरुआती घंटों में उचित चिकित्सा मिलना आंख की रिकवरी के लिए महत्वपूर्ण होता है। अस्पताल के अनुसार, पिछले साल दीपावली के दौरान उसके केंद्रों पर पटाखों से आंखों में चोट लगने वाले 500 से अधिक बच्चों का उपचार किया गया था।

एएसजी आई हॉस्पिटल के क्षेत्रीय सीओओ डॉ. संजय सिन्हा और डायरेक्टर डॉ. अमरेंद्र कुमार ने कहा कि बच्चों में पटाखों से होने वाली आंखों की अधिकांश चोटों से सावधानी बरतकर बचा जा सकता है। फिर भी दुर्घटना होने पर बच्चे को जल्द से जल्द नेत्र विशेषज्ञ तक पहुंचाना जरूरी है। त्योहार के दौरान अस्पताल के विभिन्न केंद्रों पर आंखों की चोट से जुड़े मामलों के उपचार की व्यवस्था की गई है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि आंख में चोट लगने पर घरेलू उपचार करने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

पटाखे जलाते समय बरतें ये सावधानियां

अस्पताल की ओर से परिवारों को पटाखे जलाते समय पांच प्रमुख सावधानियां अपनाने की सलाह दी गई है। पटाखे जलाते समय उनसे पर्याप्त दूरी बनाए रखें और लंबी अगरबत्ती का इस्तेमाल करें। बच्चों और पटाखे जलाने वाले वयस्कों को सुरक्षात्मक चश्मा पहनना चाहिए। बच्चों को केवल किसी वयस्क की निगरानी में ही पटाखे जलाने दें। पटाखा जलाते समय उसके ऊपर न झुकें और जो पटाखा नहीं चला हो, उसके पास दोबारा जाने से बचें। इसके अलावा, आंख में चोट लगने पर उसे रगड़ना या दबाना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे नुकसान बढ़ सकता है।

आंख में चोट लगे तो क्या करें

अस्पताल ने सलाह दी है कि बच्चे की आंख में चोट लगने पर उसे शांत रखें और आंख को रगड़ने या दबाने से बचाएं। आंख में फंसी किसी वस्तु को स्वयं निकालने की कोशिश न करें। आंख को तेज पानी की धार से न धोएं और न ही काजल, मलहम, आई ड्रॉप या किसी घरेलू उपाय का इस्तेमाल करें। बिना दबाव डाले आंख को किसी साफ सुरक्षा कवच से ढककर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

अभिभावक अभियान से जुड़ी जानकारी और नजदीकी सहभागी केंद्र का पता लगाने के लिए एएसजी हॉस्पिटल की हेल्पलाइन 1800 1200 111 पर संपर्क कर सकते हैं। अस्पताल ने अपील की है कि पटाखों से आंख में चोट लगने की स्थिति में उपचार में देरी न करें। समय पर विशेषज्ञ की मदद मिलने से बच्चे की दृष्टि को गंभीर नुकसान से बचाने में मदद मिल सकती है।एएसजी हॉस्पिटल लिमिटेड, मुजफ्फरपुर के विपणन प्रबंधक राजन कुमार ठाकुर ने अभियान की जानकारी साझा की।