मुजफ्फरपुर में संपत्ति कर के बड़े बकाएदारों पर होगी कार्रवाई, नगर निगम तैयार कर रहा सूची
- Post By Admin on Sep 24 2026
मुजफ्फरपुर : नगर निगम ने लंबे समय से संपत्ति कर जमा नहीं करने वाले बड़े बकाएदारों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है। नगर निगम की राजस्व शाखा की समीक्षा बैठक में बड़े बकाएदारों की पहचान कर उनके खिलाफ सर्टिफिकेट केस शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। निगम ने चालू वित्तीय वर्ष का संपत्ति कर 30 सितंबर तक जमा करने को कहा है। निर्धारित समय सीमा के बाद बकाया राशि पर नियमानुसार ब्याज भी देना होगा।
उप नगर आयुक्त अनुभूति श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में संपत्ति कर वसूली, पुराने बकाये की स्थिति, कर संग्रहकर्ताओं के प्रदर्शन और व्यापार अनुज्ञप्ति से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि पिछली समीक्षा के बाद नगर निगम ने संपत्ति कर मद में करीब 1.25 करोड़ रुपए की अतिरिक्त वसूली की है। नगर निगम ने बकाया राशि की वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। समीक्षा के दौरान बकाया वसूली में अपेक्षित प्रगति नहीं करने वाले दस कर संग्रहकर्ताओं को अंतिम चेतावनी दी गई। साथ ही दो टैक्स दारोगा अखिलेश कुमार सिंह और गौरी शंकर प्रसाद से निर्धारित कार्यों के अनुपालन और वसूली की स्थिति को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
नगर निगम क्षेत्र के 10 बड़े बकाएदारों के खिलाफ सर्टिफिकेट केस की प्रक्रिया शुरू करने के लिए संबंधित प्रकोष्ठ को निर्देश दिया गया है। इसके अलावा सभी बड़े बकाएदारों को एक सप्ताह के भीतर बकाया संपत्ति कर जमा करने को कहा गया है। निगम के अनुसार तय समय में राशि जमा नहीं करने पर बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 और लागू नियमों के तहत वसूली की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने अपने स्तर पर प्रत्येक वार्ड से बड़े बकाएदारों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू की है। टैक्स दारोगाओं को अपने-अपने क्षेत्र से पांच-पांच बड़े बकाएदारों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य बड़े बकाये वाले मामलों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर वसूली करना है।
संपत्ति कर को लेकर निगम ने शहरवासियों को 30 सितंबर तक भुगतान करने का समय दिया है। निगम की ओर से बताया गया है कि एक अक्टूबर से बकाया राशि पर नियमानुसार प्रतिमाह 1.5 प्रतिशत की दर से ब्याज देय होगा। इससे बकाया कर की राशि पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ सकता है। बैठक में व्यापारिक प्रतिष्ठानों के ट्रेड लाइसेंस की भी समीक्षा की गई। जिन व्यवसायिक प्रतिष्ठानों ने अभी तक व्यापार अनुज्ञप्ति नहीं ली है या उसका नवीनीकरण नहीं कराया है, उन्हें आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया गया। निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।