हिंदी पखवाड़े पर संगोष्ठी में राष्ट्र की एकता और अखंडता में हिंदी की भूमिका पर चर्चा
- Post By Admin on Sep 29 2026
मधुबन: राजकीय डिग्री महाविद्यालय में हिंदी पखवाड़े के अवसर पर ‘राष्ट्र की एकता एवं अखंडता में हिंदी की भूमिका’ विषय पर एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन स्मार्ट वर्ग कक्ष में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ब्रह्मचारी व्यास नन्दन शास्त्री ने की।
प्राचार्य ने स्वागत भाषण के दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. ज्ञान प्रकाश को शॉल एवं मंत्र पट्टिका देकर सम्मानित किया। डॉ. ज्ञान प्रकाश डॉ. राम मनोहर लोहिया स्मारक महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर में हिंदी के सहायक आचार्य हैं और दक्षिण कोरिया में तीन वर्षों तक विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
संगोष्ठी का शुभारंभ मंत्रोच्चारण के साथ दीप प्रज्वलित कर किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. ज्ञान प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं है, बल्कि राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने अवधी, ब्रज, बुंदेली, उर्दू और बांग्ला जैसी भाषाओं को हिंदी की बहनें तथा संस्कृत को हिंदी की मां बताते हुए भारतीय भाषाओं के आपसी संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने हिंदी के वर्णों में मौजूद कोमल और कठोर ध्वनियों के उदाहरणों के माध्यम से भाषा की विशेषताओं को समझाया। राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की कविताओं को राष्ट्रीय एकता की भावना से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि हिंदी के अध्ययन से विद्यार्थियों के लिए रोजगार और करियर के कई अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।
प्राचार्य प्रो. ब्रह्मचारी व्यास नन्दन शास्त्री ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि हिंदी लोगों को एकता के सूत्र में बांधने वाली भाषा है। यह भावों की भाषा है और अटक से कटक तथा कश्मीर से कन्याकुमारी तक एकता एवं अखंडता का संदेश देती है। उन्होंने वैदिक मंत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राचीन और आधुनिक दोनों काल के कवियों के लिए हिंदी प्रेरणा का महत्वपूर्ण माध्यम रही है। प्राचार्य ने छात्र-छात्राओं से नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने तथा हिंदी भाषा के अध्ययन पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन विषय प्रवेश के साथ डॉ. संतोष कुमार साह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रवि भारती ने किया। संगोष्ठी में महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।