बिहार में हाई-स्पीड क्रांति: बक्सर से किशनगंज तक 8 शहरों को जोड़ेगा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर, पांच प्रमुख स्टेशनों की तैयारी

  • Post By Admin on Sep 21 2026
बिहार में हाई-स्पीड क्रांति: बक्सर से किशनगंज तक 8 शहरों को जोड़ेगा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर, पांच प्रमुख स्टेशनों की तैयारी

पटना : बिहार के लोगों के लिए हाई स्पीड रेल नेटवर्क को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में कदम आगे बढ़ चुके हैं। करीब 1550 से 1560 किलोमीटर लंबे इस महत्वाकांक्षी कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके आवंटन के बाद जमीनी सर्वे का काम शुरू होगा। परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी, जिससे पटना से दिल्ली का सफर मात्र 4 घंटे 41 मिनट में पूरा होने का अनुमान है।

यह प्रस्तावित हाई स्पीड कॉरिडोर दिल्ली से लखनऊ और वाराणसी होते हुए बिहार की सीमा में प्रवेश करेगा। राज्य के कुल आठ प्रमुख शहर—बक्सर, आरा, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, कटिहार, पूर्णिया और किशनगंज इस रूट से जुड़ेंगे। प्राथमिक योजना के अनुसार, बिहार में पांच प्रमुख हाई स्पीड स्टेशन बनाए जाने की संभावना है, जिनमें बक्सर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया और कटिहार शामिल हैं। राजधानी पटना में स्टेशन के लिए फुलवारीशरीफ एम्स के निकटवर्ती क्षेत्र या बिहटा के नाम पर विचार किया जा रहा है, जिसकी अंतिम पुष्टि सर्वे और डीपीआर के बाद ही हो सकेगी।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की तर्ज पर यह पूरा नेटवर्क जापानी शिंकानसेन मॉडल पर आधारित होगा, जिसकी डिजाइन स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटे रखी गई है। इसमें करीब 750 सीटों वाली बुलेट ट्रेन का संचालन किया जाएगा। ट्रेन संचालन के लिए पारंपरिक गिट्टी वाले ट्रैक के बजाय आधुनिक कंक्रीट 'स्लैब ट्रैक' तकनीक का इस्तेमाल होगा, जो हाई स्पीड में ट्रैक की स्थिरता बनाए रखने के साथ कंपन और ध्वनि प्रदूषण को काफी हद तक नियंत्रित करती है।

इस परियोजना के पूरा होने से बिहार में व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक विकास को अभूतपूर्व गति मिलने की उम्मीद है। बक्सर, आरा, बिहटा, बेगूसराय और कटिहार जैसे व्यापारिक केंद्रों को सीधी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिलने से फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और आईटी सेक्टर में भारी निवेश की राह खुलेगी। हालांकि, घनी आबादी वाले इलाकों, उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण और राज्य के बाढ़ प्रभावित नदी क्षेत्रों में मजबूत बुनियादी ढांचे का निर्माण करना इस वृहद परियोजना के लिए मुख्य तकनीकी चुनौतियां साबित होंगी।