पटना में चार बड़ी परियोजनाओं का रास्ता साफ, हजारों फ्लैट के साथ बनेगा आईटी टेक पार्क
- Post By Admin on Nov 03 2026
पटना : बिहार की राजधानी पटना में आवासीय और व्यावसायिक सुविधाओं के विकास को लेकर बड़ी पहल हुई है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड ने बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के साथ करीब 2,000 करोड़ रुपए की चार पुनर्विकास परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इन परियोजनाओं में 3,331 आवासीय फ्लैट, राज्य का पहला आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी पार्क और होटल एवं व्यावसायिक परिसर विकसित करने की योजना शामिल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये परियोजनाएं पहले चरण में पटना में स्व-वित्तपोषण के आधार पर विकसित की जाएंगी। इनके लिए राज्य सरकार की ओर से बजटीय सहायता नहीं दी जाएगी। समझौता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के.पी. महादेवस्वामी की मौजूदगी में हुआ।
परियोजना के तहत पटना के सेक्टर-5 स्थित टीवी टावर क्षेत्र और सेक्टर-6 स्थित बहादुरपुर में बिहार राज्य आवास बोर्ड की कॉलोनियों का पुनर्विकास किया जाएगा। इन दोनों परियोजनाओं में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग, मध्यम आय वर्ग और उच्च आय वर्ग के लिए कुल 3,331 आवासीय फ्लैट बनाए जाएंगे। इनके साथ खरीदारी परिसर, क्लब हाउस, व्यायामशाला, सामुदायिक सुविधाएं और कार्यालय स्थल भी विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।
तीसरी परियोजना के तहत पटना के गर्दनीबाग में बिहार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के लिए आधुनिक आईटी टेक पार्क बनाया जाएगा। इसे राज्य का पहला टेक पार्क बताया गया है। इससे तकनीकी क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों और कंपनियों के लिए आधारभूत सुविधाएं विकसित करने की योजना है। चौथी परियोजना में पटना के बेली रोड स्थित जल संसाधन विभाग की जमीन पर होटल और व्यावसायिक परिसर विकसित किए जाएंगे। इससे राजधानी में व्यावसायिक और आतिथ्य क्षेत्र की सुविधाओं का विस्तार करने की योजना है।
एनबीसीसी के अनुसार, इन चारों परियोजनाओं की अनुमानित लागत जीएसटी को छोड़कर करीब 2,000 करोड़ रुपए है। वहीं, इनके विकास के बाद बिक्री और पट्टे से लगभग 5,152 करोड़ रुपए की प्राप्ति होने का अनुमान जताया गया है। कंपनी ने परियोजना प्रबंधन परामर्श शुल्क छह प्रतिशत और विपणन शुल्क 1.25 प्रतिशत निर्धारित होने की जानकारी भी दी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से पटना में आवासीय सुविधाओं, तकनीकी आधारभूत संरचना और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की संभावना है।