​फर्जीवाड़े की शिकायतों के बाद राजभवन सख्त, बिहार के विश्वविद्यालयों में नपेंगे दागी सहायक प्राध्यापक

  • Post By Admin on Nov 04 2026
​फर्जीवाड़े की शिकायतों के बाद राजभवन सख्त, बिहार के विश्वविद्यालयों में नपेंगे दागी सहायक प्राध्यापक

पटना : बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) द्वारा विज्ञापित सहायक प्राध्यापक भर्ती (विज्ञापन वर्ष 2020) के तहत नियुक्त अभ्यर्थियों के अनुभव प्रमाण-पत्रों को लेकर राजभवन ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। चयन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा जमा किए गए कार्य अनुभव प्रमाण-पत्रों की प्रमाणिकता को लेकर लोकभवन को कई गंभीर शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए राज्यपाल सह कुलाधिपति के निर्देशानुसार राज्यभर के विश्वविद्यालयों में व्यापक जांच और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया गया है।

राज्यपाल के अपर सचिव संजय कुमार द्वारा राज्य के सभी कुलपतियों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि वे अपने-अपने विश्वविद्यालय से जुड़े चयनित अभ्यर्थियों के अनुभव प्रमाण-पत्रों का समुचित सत्यापन कराएं। इस पूरे मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 31 जनवरी 2027 तक अनिवार्य रूप से अनुपालन प्रतिवेदन राज्यपाल सचिवालय को भेजने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि उक्त तिथि के बाद भी कोई मामला लंबित रह जाता है, तो उसके कारणों का स्पष्ट उल्लेख प्रतिवेदन में दर्ज करना होगा।

राजभवन के इस सख्त निर्देश के बाद मुंगेर विश्वविद्यालय प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने सभी अंगीभूत महाविद्यालयों के प्राचार्य और प्रभारी प्राचार्यों को आधिकारिक पत्र भेजकर उच्च शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों व विहित प्रपत्र के अनुसार जांच करने का आदेश दिया है। सभी कॉलेजों को चयनित अभ्यर्थियों के अनुभव प्रमाण-पत्रों की स्पष्ट जांच रिपोर्ट और दस्तावेजों की प्रतियां 30 नवंबर 2026 तक विश्वविद्यालय मुख्यालय में जमा करानी होंगी, ताकि इसे समय रहते कुलाधिपति सचिवालय भेजा जा सके।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए साफ कर दिया है कि प्रमाण-पत्रों के सत्यापन में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर शिथिलता पाई जाती है, तो इसके लिए संबंधित प्राचार्य, प्रभारी प्राचार्य और अभ्यर्थी स्वयं पूरी तरह जिम्मेदार होंगे। प्राचार्यों को अपने स्तर से सभी संबंधित सहायक प्राध्यापकों को इस आदेश की सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।