बिहार में बाढ़ से सड़कों को भारी नुकसान, 1050 से ज्यादा ग्रामीण सड़कें प्रभावित

  • Post By Admin on Sep 21 2026
बिहार में बाढ़ से सड़कों को भारी नुकसान, 1050 से ज्यादा ग्रामीण सड़कें प्रभावित

पटना : नेपाल में हुई भारी बारिश और बाढ़ के असर से बिहार में पिछले दिनों गंगा, गंडक, कोसी और सोन समेत कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई। इसके कारण राज्य के कई जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया और बड़ी संख्या में लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। अब नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे सामान्य होने के बाद बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है।

ग्रामीण कार्य विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार बाढ़ से राज्य के 17 जिलों में 1050 से अधिक ग्रामीण सड़कें प्रभावित हुई हैं। इनमें कई सड़कें लंबे समय तक पानी में डूबी रहीं, जबकि कुछ जगहों पर सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है। प्रभावित सड़कों की कुल लंबाई करीब 2000 किलोमीटर बताई गई है। प्रारंभिक आकलन के मुताबिक इन सड़कों की मरम्मत पर करीब 1000 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।

ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से सभी संबंधित जिलों से बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की रिपोर्ट मांगी गई थी। जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर नुकसान का प्रारंभिक आकलन किया जा रहा है। हालांकि विभाग का कहना है कि पानी पूरी तरह निकलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किसी सड़क के कितने हिस्से को कितना नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट के अनुसार पटना और भागलपुर में ग्रामीण सड़कों पर बाढ़ का सबसे अधिक असर पड़ा है। पटना में 140 और भागलपुर में 151 ग्रामीण सड़कें प्रभावित बताई गई हैं। इसके अलावा सारण में 101, अररिया में 10, बेगूसराय में 49, मधेपुरा में 18, भोजपुर में 134, समस्तीपुर में 86, खगड़िया में 36, वैशाली में 82, लखीसराय में 54, कटिहार में 60, मुंगेर में 48, पश्चिम चंपारण में 16, सहरसा में 20 और पूर्णिया में 18 ग्रामीण सड़कें प्रभावित होने की जानकारी दी गई है।

विभाग ने निचले इलाकों से पानी निकलने की स्थिति पर लगातार नजर रखने और जलस्तर सामान्य होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शुरू करने का निर्देश दिया है। पानी पूरी तरह उतरने के बाद सड़कवार नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा, जिसके आधार पर मरम्मत कार्य की आगे की योजना तैयार होगी।