भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में सामूहिक 'वन्दे मातरम्' गान, भावी शिक्षकों को दिया राष्ट्रबोध का संदेश
- Post By Admin on Sep 25 2026
मुजफ्फरपुर : 'वन्दे मातरम्' के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, सदातपुर में राष्ट्रप्रेम और एकता का भव्य माहौल देखने को मिला। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के देशव्यापी आह्वान के तहत संस्थान के वंदना सभागार में ठीक प्रातः 11 बजे सामूहिक 'वन्दे मातरम्' गान का आयोजन हुआ।
सभागार में कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार पाल द्वारा भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण, पूजन एवं वंदन के साथ हुई। निर्धारित समय पर बी.एड. और डी.एल.एड. के 125 भावी शिक्षकों, प्राध्यापकों एवं कर्मियों ने एक स्वर में राष्ट्रीय गीत का गान किया, जिससे संपूर्ण परिसर देशभक्ति के जयघोष से गूँज उठा।
महाविद्यालय के सचिव डॉ. ललित किशोर ने अपने संदेश में कहा कि 'वन्दे मातरम्' महज एक गीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति सम्मान, अटूट समर्पण और राष्ट्रीय एकता की सामूहिक अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। सामूहिक गान के बाद प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार पाल ने गीत के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संदर्भों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वाधीनता संग्राम में राष्ट्रभाव और जन-एकता का संचार करने वाला यह गीत आज भी देश की चेतना का आधार है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को उनके दायित्व का बोध कराते हुए रेखांकित किया कि भावी शिक्षकों की भूमिका सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं होती, बल्कि आने वाली पीढ़ी में राष्ट्रबोध, सामाजिक समरसता, अनुशासन और उच्च नैतिक मूल्यों की नींव रखना भी उन्हीं का कर्तव्य है।
मीडिया प्रमुख डॉ. सौरभ के अनुसार, बी.एड. प्रथम व द्वितीय वर्ष और डी.एल.एड. द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षुओं ने पूरे आयोजन में गरिमामय अनुशासन का परिचय दिया। इस प्रेरणादायी आयोजन ने उपस्थित शिक्षकों और विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना और मातृभूमि के प्रति निष्ठा को और अधिक प्रगाढ़ किया।