शिक्षकों की आवाज को सदन तक पहुंचाने का संकल्प, प्रो. संजय कुमार सिंह ने कॉलेजों में किया संवाद
- Post By Admin on Sep 28 2026
मुजफ्फरपुर : शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं, अधिकारों और उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी प्रो. संजय कुमार सिंह की ओर से विभिन्न शिक्षण संस्थानों में शिक्षक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एमडीडीएम कॉलेज, एलएस कॉलेज, आरबीबीएम कॉलेज, एलएन मिश्रा मैनेजमेंट कॉलेज के साथ-साथ स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान और दर्शनशास्त्र विभाग में आयोजित संवाद के दौरान शिक्षकों ने अपनी समस्याएं और लंबित मांगें सीधे उनके सामने रखीं।
संवाद कार्यक्रम में शिक्षकों ने वेतन, पेंशन, सेवा सुरक्षा और विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर लंबित मामलों से जुड़े कई सवाल उठाए। अतिथि प्राध्यापकों ने भी लंबे समय से की जा रही सेवा के मद्देनजर सेवा सुरक्षा और सेवा समायोजन का मुद्दा प्रमुखता से रखा। शिक्षकों ने कहा कि उच्च शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों का समयबद्ध समाधान जरूरी है। शिक्षकों की ओर से विश्वविद्यालय और कॉलेजों में लंबित विभिन्न समस्याओं को लेकर भी चर्चा की गई। शिक्षकों ने अपेक्षा जताई कि संवाद के दौरान सामने आए मुद्दों को संबंधित विभागों के साथ-साथ विधान परिषद में भी प्रभावी तरीके से उठाया जाएगा, ताकि लंबित मामलों के समाधान की दिशा में ठोस पहल हो सके।
इस दौरान प्रो. संजय कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को सुनना और उन्हें उचित मंच तक पहुंचाना जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के अधिकारों और हितों से जुड़े सवालों को सड़क से सदन तक मजबूती के साथ उठाने का उनका संकल्प है। संवाद के दौरान सामने आए महत्वपूर्ण विषयों को संबंधित स्तर पर रखने और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करने की बात उन्होंने कही। एमएलसी ने कहा कि शिक्षक उच्च शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। शिक्षकों को सम्मानजनक कार्य वातावरण, सेवा सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़े मामलों का समाधान मिलने से शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने नियमित संवाद को जरूरी बताते हुए कहा कि शिक्षकों से सीधे बातचीत करने पर उनकी समस्याओं की वास्तविक स्थिति को समझने और समाधान के लिए उचित दिशा तय करने में मदद मिलती है।
शिक्षक संवाद के दौरान कई शिक्षकों ने प्रश्नों के माध्यम से अपनी समस्याओं को विस्तार से रखा। विश्वविद्यालय स्तर पर लंबित मामलों, सेवा से जुड़े विषयों और महाविद्यालयों की विभिन्न समस्याओं पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की बात सीधे सुनकर उनके मुद्दों को उचित मंच तक पहुंचाने की प्रक्रिया को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम में बूटा महासचिव डॉ. सुनील कुमार सिंह, डॉ. प्रमोद कुमार, बूटा अध्यक्ष डॉ. जयकांत जय तथा डॉ. सौरभ राज ने भी शिक्षकों के सवालों पर अपनी बात रखी। उन्होंने विभिन्न मुद्दों से संबंधित जानकारी साझा करते हुए कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए संवाद और सामूहिक प्रयास जरूरी है।
शिक्षकों ने भी नियमित रूप से इस तरह के संवाद आयोजित किए जाने को उपयोगी बताया। उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी समस्याओं और मांगों को सीधे जनप्रतिनिधि के समक्ष रखने का अवसर मिलता है। शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि संवाद में उठाए गए मुद्दों को संबंधित विभागों और सदन में प्रभावी ढंग से रखा जाएगा। शिक्षक संवाद कार्यक्रम के जरिए शिक्षकों ने जहां अपने अधिकारों और समस्याओं को खुलकर सामने रखा, वहीं प्रो. संजय कुमार सिंह ने इन मुद्दों को उचित मंच तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए प्रयास जारी रखने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम से शिक्षकों और जनप्रतिनिधि के बीच संवाद की प्रक्रिया को और मजबूत करने की दिशा में पहल के रूप में देखा जा रहा है।