‘कालिदास की शाश्वतता’ विषय पर विशिष्ट व्याख्यान, आधुनिक संदर्भों से जोड़ी गईं कालिदास की रचनाएं
- Post By Admin on Sep 28 2026
मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय संस्कृत विभाग के सभागार में मासिक व्याख्यानमाला के तहत ‘कालिदास की शाश्वतता’ विषय पर विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. श्यामबाबू शर्मा ने की। मुख्य वक्ता के रूप में महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष आचार्य प्रो. श्याम कुमार झा उपस्थित रहे।
व्याख्यान को संबोधित करते हुए प्रो. श्याम कुमार झा ने कहा कि महाकवि कालिदास की रचनाओं की प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। उन्होंने कालिदास के ग्रंथों के मूल श्लोकों का उल्लेख करते हुए उनके विचारों को वर्तमान सामाजिक और जीवन संदर्भों से जोड़कर विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कालिदास के साहित्य में मौजूद जीवन-दृष्टि आज भी नई सोच और चिंतन की दिशा प्रदान करती है।
उन्होंने गुरुकुलीय शिक्षा पद्धति, विद्याभ्यास, आश्रम की पवित्रता, पीड़ितों की सहायता, शकुंतला का प्रकृति प्रेम, पालक पिता की भावनाएं, कुलवधू के कर्तव्य और दांपत्य जीवन जैसे विभिन्न प्रसंगों की चर्चा की। उनके अनुसार, इन विषयों को वर्तमान संदर्भ में देखने पर कालिदास के साहित्य की शाश्वतता को सहज रूप से समझा जा सकता है। प्रो. श्याम कुमार झा ने कहा कि संस्कृत का अध्ययन केवल आनंद की अनुभूति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शारीरिक और मानसिक आरोग्य के लिए भी परम औषधि के समान है। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत साहित्य के अध्ययन और उसके विचारों को जीवन से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलगीत से हुआ। विभागीय आचार्य प्रो. निभा शर्मा ने विषय प्रवर्तन करते हुए कालिदास की शाश्वतता से जुड़े विभिन्न प्रसंगों पर प्रकाश डाला। विभागाध्यक्ष प्रो. श्यामबाबू शर्मा ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया और अध्यक्षीय संबोधन में कालिदास के साहित्य के विभिन्न पक्षों को रेखांकित किया।
कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन विभागीय आचार्य प्रो. मनीष कुमार झा ने किया। इस अवसर पर पूर्व आचार्य प्रो. श्रीप्रकाश पाण्डेय, प्रो. अमरेंद्र ठाकुर, प्रो. संगीता अग्रवाल, प्रो. ललित कुमार मंडल, प्रो. परमेश तिवारी, प्रो. इंदु कुमारी, डॉ. मीरा कुमारी, डॉ. स्नेहलता, प्राचार्य प्रो. राजीव कुमार, प्रो. रामाशंकर रजक, रसायन शास्त्र के प्राध्यापक प्रो. दिव्यम प्रकाश सहित विभाग के विद्यार्थी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।