महात्मा गांधी के जीवन और दर्शन पर आरडीएस कॉलेज में मंथन, शिक्षकों-छात्रों ने रखे विचार

  • Post By Admin on Oct 03 2026
महात्मा गांधी के जीवन और दर्शन पर आरडीएस कॉलेज में मंथन, शिक्षकों-छात्रों ने रखे विचार

मुजफ्फरपुर : रामदयालु सिंह महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर में महात्मा गांधी के विचारों और उनके जीवन दर्शन पर केंद्रित विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने वर्तमान सामाजिक एवं वैश्विक परिस्थितियों के संदर्भ में गांधी के विचारों की प्रासंगिकता पर चर्चा की और उनके सिद्धांतों को मानव जीवन के लिए प्रेरणादायक बताया।

गोष्ठी की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. शशि भूषण कुमार ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के विचार आज के परिवेश में दुनिया में शांति, सहयोग और आपसी सद्भाव स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि गांधी के विचारों को केवल इतिहास तक सीमित रखने के बजाय वर्तमान परिस्थितियों में भी समझने और जीवन में अपनाने की आवश्यकता है। महाविद्यालय के वरिष्ठ आचार्य प्रो. रमेश कुमार ने महात्मा गांधी के विचारों को मानव जीवन के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। उन्होंने गांधी के जीवन और उनके आदर्शों से मिलने वाली सीख पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके विचार व्यक्ति को नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग करते हैं।

इतिहास विभाग के प्रो. रिजवी ने महात्मा गांधी की प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए उनके जीवन दर्शन के विभिन्न पहलुओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि गांधी के विचार आधुनिक भारत के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण हैं और उनके सत्य, अहिंसा तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े विचारों को व्यापक स्तर पर समझने की जरूरत है। डॉ. अनुराधा पाठक ने गांधी के विचारों को व्यक्तित्व विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनके सिद्धांत व्यक्ति को आत्मअनुशासन, नैतिकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की प्रेरणा देते हैं। वहीं डॉ. श्रुति मिश्रा ने महात्मा गांधी के न्याय संबंधी सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला और उनके विचारों के विभिन्न सामाजिक पहलुओं की चर्चा की। रजनीकांत पांडे ने महात्मा गांधी के विचारों को आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि गांधी के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता से जुड़े विचार आज भी सामाजिक और आर्थिक विकास के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण के साथ हुई, जिसे डॉ. नीरज मिश्रा ने प्रस्तुत किया। मंच संचालन डॉ. पंकज तिवारी ने किया, जबकि अमृता कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस दौरान विवेक, राहुल, आयुषी और प्राची ने भी महात्मा गांधी के जीवन, विचार और उनके दर्शन की वर्तमान प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे। गोष्ठी के माध्यम से विद्यार्थियों और उपस्थित शिक्षकों के बीच महात्मा गांधी के विचारों को वर्तमान सामाजिक संदर्भ से जोड़कर समझने का अवसर मिला। वक्ताओं ने गांधी के विचारों में निहित शांति, न्याय, आत्मनिर्भरता और मानवीय मूल्यों को वर्तमान पीढ़ी के लिए उपयोगी बताया।