2030 से पहले साकार होगा बाल विवाह मुक्त भारत का सपना, ग्राम सभाओं में गूंजा बदलाव का संकल्प

  • Post By Admin on Oct 03 2026
2030 से पहले साकार होगा बाल विवाह मुक्त भारत का सपना, ग्राम सभाओं में गूंजा बदलाव का संकल्प

लखीसराय : गांधी जयंती के पावन अवसर पर केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तथा पंचायती राज मंत्रालय की संयुक्त पहल के तहत देश भर में 2.42 लाख से अधिक विशेष ग्राम सभाओं का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। केंद्र सरकार के निर्देश पर आयोजित इन ग्राम सभाओं में प्रत्येक गांव को 'बाल विवाह-मुक्त' घोषित करने का प्रस्ताव रखा गया और इस कुप्रथा को जड़ से खत्म करने का सामूहिक संकल्प लिया गया। लखीसराय जिले में बाल विवाह उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर सक्रिय गैर-सरकारी संगठन 'विकासार्थ ट्रस्ट' ने सरकार के इस दूरगामी कदम का पुरजोर स्वागत किया है।

इन विशेष ग्राम सभाओं में स्थानीय ग्रामीणों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, पंचायत कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। विकासार्थ ट्रस्ट, जो बच्चों के अधिकारों व सुरक्षा के लिए समर्पित देश के सबसे बड़े नागरिक समाज नेटवर्क 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन' (जेआरसी) का सहयोगी संगठन है, ने घोषणा की है कि वह बाल विवाह को पूरी तरह समाप्त करने के लिए सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन के साथ मिलकर पहले से भी अधिक ऊर्जा के साथ काम करेगा। जेआरसी वर्तमान में अपने 300 से अधिक सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर देश के सभी 782 जिलों में इस दिशा में लगातार प्रयासरत है।

विकासार्थ ट्रस्ट की सचिव सुनीता सिंह ने सरकार और जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पंचायती राज व बाल विकास मंत्रालय द्वारा शुरू की गई यह राष्ट्रव्यापी मुहिम लाखों बच्चों की तकदीर बदलने की क्षमता रखती है। उन्होंने रेखांकित किया कि जब पूरा समाज और गांव एकजुट होकर खड़ा होगा, तभी बदलाव की गति तेज होगी और प्रत्येक बेटी को उसके बचपन और सपनों को सुरक्षित जीने का कानूनी अधिकार मिल सकेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जेआरसी द्वारा शुरू की गई जमीनी मुहिम और वर्ष 2024 में सरकार द्वारा गति दिए गए 'बाल विवाह मुक्त भारत' अभियान के समन्वय से वर्ष 2030 के निर्धारित लक्ष्य से पहले ही देश को बाल विवाह मुक्त बनाने का सपना साकार हो जाएगा।