अदबी साहित्यिक संगम के मुशायरे में गूंजीं गजलें और कविताएं, रचनाकारों ने छोड़ी अमिट छाप

  • Post By Admin on Oct 04 2026
अदबी साहित्यिक संगम के मुशायरे में गूंजीं गजलें और कविताएं, रचनाकारों ने छोड़ी अमिट छाप

मुजफ्फरपुर: सिबगतुल्लाह हमीदी के आवास स्थित हमीदी कॉम्प्लेक्स में रविवार को डॉ. अंसारी ‘आसी’ अदबी साहित्यिक संगम के तत्वावधान में मुशायरा-सह-कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर के साहित्यप्रेमियों और रचनाकारों की मौजूदगी रही। शायरी और कविताओं की विभिन्न रचनाओं के माध्यम से साहित्य और अदब की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कवयित्री एवं शायरा सविता राज ने की, जबकि मंच संचालन श्रवण कुमार ने किया। सम्मेलन की शुरुआत सिबगतुल्लाह हमीदी ने अपने पिता डॉ. अंसारी साहब की गजल प्रस्तुत कर की। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम की साहित्यिक शुरुआत को भावपूर्ण बना दिया। मुशायरे में शायर अली अहमद ‘मंजर’, एमल हासमी और आलम सिद्दीकी ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। वहीं शायराओं सविता राज, चांदनी समर और मुस्कान केसरी ने भी अपनी कविताओं और शायरी से उपस्थित लोगों को प्रभावित किया। रचनाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे कार्यक्रम को साहित्यिक रंग से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान शायरी, गजल और कविताओं के माध्यम से विभिन्न भावनाओं और सामाजिक सरोकारों को अभिव्यक्ति दी गई। रचनाकारों की प्रस्तुतियों पर उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने उत्साहपूर्वक सराहना की।

कार्यक्रम के समापन पर सिबगतुल्लाह हमीदी ने सभी अतिथियों, शायरों, कवियों और उपस्थित साहित्यप्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन में शामिल सभी रचनाकारों के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। मुजफ्फरपुर में आयोजित इस मुशायरा-सह-कवि सम्मेलन ने साहित्य और शायरी के प्रेमियों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहां कविता, गजल और अदब की विभिन्न विधाओं का सुंदर संगम देखने को मिला।