मुजफ्फरपुर में ‘अधूरा आदमी’ लघु उपन्यास का लोकार्पण, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक चेतना पर हुई चर्चा
- Post By Admin on Oct 04 2026
मुजफ्फरपुर : शहर के भगवानपुर स्थित कन्या विवाह भवन, नंदपुरी में सम्मान समारोह सह संवैधानिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर साहित्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम के दौरान लेखक शशि सिद्धेश्वर कुमार ‘गुलाब’ द्वारा लिखित लघु उपन्यास ‘अधूरा आदमी’ का लोकार्पण किया गया। यादव शक्ति पत्रिका के प्रधान संपादक राजवीर सिंह यादव ने पुस्तक का विधिवत लोकार्पण किया। कार्यक्रम में साहित्य, सामाजिक चेतना, संविधान और नागरिक मूल्यों से जुड़े विभिन्न विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
समारोह को संबोधित करते हुए राजवीर सिंह यादव ने कहा कि साहित्य समाज की परिस्थितियों को सामने रखने के साथ लोगों में जागरूकता और चेतना पैदा करने का प्रभावी माध्यम है। उनके अनुसार ‘अधूरा आदमी’ जैसे साहित्यिक प्रयास समाज के विभिन्न पक्षों और मानवीय संवेदनाओं को समझने में मदद करते हैं। उन्होंने उपन्यास के लेखक शशि सिद्धेश्वर कुमार ‘गुलाब’ को साहित्यिक सृजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित संवैधानिक संगोष्ठी में संविधान के मूल्यों, सामाजिक समानता, लोकतांत्रिक चेतना और सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि संविधान केवल शासन व्यवस्था से संबंधित दस्तावेज नहीं है, बल्कि नागरिकों के अधिकारों, कर्तव्यों, समानता और न्याय की भावना को भी दिशा देता है। समाज में संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए संवाद और विचार-विमर्श की निरंतर आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। संगोष्ठी में साहित्य की सामाजिक भूमिका पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि साहित्य समाज में मौजूद परिस्थितियों, संघर्षों और मानवीय संवेदनाओं को सामने लाने का काम करता है। साहित्य के माध्यम से सामाजिक प्रश्नों पर विचार करने और लोगों को जागरूक करने का अवसर मिलता है। इसी क्रम में ‘अधूरा आदमी’ को भी सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा साहित्यिक प्रयास बताया गया।
उपन्यास के लेखक शशि सिद्धेश्वर कुमार ‘गुलाब’ ने कहा कि ‘अधूरा आदमी’ के माध्यम से उन्होंने समाज में मौजूद मानवीय संवेदनाओं, संघर्षों और सामाजिक सवालों को पाठकों के सामने रखने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि साहित्य का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को मनुष्य से जोड़ने, समाज की वास्तविकताओं को सामने रखने और पाठकों को विचार करने के लिए प्रेरित करने का माध्यम भी है।
समारोह में समाजवादी चिंतक रघुनाथ यादव, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक हरिवंश प्रसाद यादव, पुरुषोत्तम मौर्य, रेलवे स्टेशन अधीक्षक मुजफ्फरपुर संजय प्रसाद यादव, शिक्षिका करुणा यादव, प्रधानाध्यापक डॉ. पवन कुमार यादव, व्याख्याता डॉ. अरविंद कुमार, मीरा यादव, शिक्षक अनिल कुमार, चंदन कुमार, सुनील कुमार, शमशाद अहमद, मनोज कुमार, डॉ. विष्णुदेव यादव, नागेन्द्र राय, अभिनंदन कुमार, जिलाध्यक्ष प्रारंभिक शिक्षक संघ मुजफ्फरपुर जितेन्द्र यादव, उपाध्यक्ष कांत राय, शिक्षक नेता पंकज राय सहित कई लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा यदुवंशी कल्याण महासभा के अध्यक्ष जवाहरलाल यादव, अखिलेश यादव, रेलवे अधिकारी चन्द्रजीत यादव, कृषि पदाधिकारी देवेन्द्र यादव, अधिवक्ता जय किशोर राय, धीरेन्द्र कुमार वीराना, यादव शक्ति पत्रिका के बिहार वितरक रमाशंकर राय, शिवकुमार यादव, विभा सिंह, रितु सिंह, रूपा कुमारी, वीणा झा, शोभा शाही, मंगल शाही, राणा सिंह, सोहन श्रीवास्तव, कंचन शाही, मोहम्मद फैयाज, फिरोज, सेवानिवृत्त शिक्षक रामाश्रय राय, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी बृजलाल राय और केशव शाही समेत शहर के बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, पत्रकार, चिकित्सक, शिक्षक, अधिवक्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने उपस्थित अतिथियों और साहित्यप्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। साहित्य, सामाजिक जागरूकता और संवैधानिक मूल्यों को आम लोगों तक पहुंचाने के संकल्प के साथ समारोह का समापन हुआ।