लखीसराय में पुलिस के खिलाफ अभाविप का विरोध, कथित मारपीट मामले में निष्पक्ष जांच की मांग

  • Post By Admin on Sep 27 2026
लखीसराय में पुलिस के खिलाफ अभाविप का विरोध, कथित मारपीट मामले में निष्पक्ष जांच की मांग

लखीसराय : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की लखीसराय इकाई ने रविवार को पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया। संगठन ने यह प्रदर्शन विभाग संयोजक मनीष यदुवंशी के साथ 26 सितंबर की शाम कथित मारपीट, दुर्व्यवहार और अपमानजनक व्यवहार के विरोध में किया। अभाविप ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

संगठन का आरोप है कि 26 सितंबर की रात करीब 8:30 बजे कबैया थाना के थानाध्यक्ष रणधीर कुमार द्वारा मनीष यदुवंशी के साथ कथित तौर पर मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। अभाविप ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके साथ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया और जातिसूचक शब्द कहे गए। संगठन के अनुसार, मनीष यदुवंशी को पुलिस वाहन में बैठाकर कवैया थाना ले जाया गया, जहां भी उनके साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया। अभाविप का कहना है कि मनीष यदुवंशी को यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्हें किस मामले में और किस आधार पर थाने ले जाया जा रहा है। संगठन ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया। मामले को लेकर अभाविप ने पुलिस प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की जांच और संबंधित पक्षों की बात सुनकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

पुतला दहन के दौरान अभाविप के जिला संयोजक साहिल प्रकाश ने कहा कि पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी आम नागरिकों और छात्र-छात्राओं को सुरक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सुरक्षा की अपेक्षा रखने वाले लोगों के साथ ही दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आती है तो इससे लोगों में चिंता पैदा होती है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। जिला छात्रा प्रमुख अलीशा कुमारी ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपने अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।

मामले को लेकर मनीष यदुवंशी ने कहा कि वह अपने सम्मान और न्याय के लिए आवाज उठा रहे हैं। उनके अनुसार, घटना के दौरान उनके साथ जबरन व्यवहार किया गया और उन्हें अपनी कथित गलती के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि इस मामले में छात्राओं और अभाविप के कार्यकर्ताओं का उन्हें सहयोग मिला है और वह न्याय के लिए अपनी बात आगे भी रखते रहेंगे। अभाविप ने पुलिस प्रशासन को 48 घंटे का समय देते हुए मामले में निष्पक्ष जांच शुरू करने और आरोपित पुलिसकर्मी के खिलाफ उचित कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने यह भी कहा है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। अभाविप के नगर मंत्री बिट्टू आर्य ने कहा कि छात्र प्रतिनिधि के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आना गंभीर विषय है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से घटना की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने और निष्पक्ष तरीके से जांच कराने की मांग की।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर मामले में उचित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया शुरू नहीं होती है तो अभाविप लोकतांत्रिक तरीके से अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएगा। फिलहाल संगठन की ओर से पुलिस प्रशासन से मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है। इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से संबंधित आरोपों पर आधिकारिक पक्ष या जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।