भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में आयुर्वेद दिवस पर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश
- Post By Admin on Sep 26 2026
मुजफ्फरपुर : भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, सदातपुर, मुजफ्फरपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में 11वां आयुर्वेद दिवस उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस वर्ष कार्यक्रम का मुख्य विषय “हर घर आयुर्वेद, हर दिन आयुर्वेद” रखा गया, जिसके माध्यम से स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. संजीत कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी, नितिश्वर आयुर्वेद कॉलेज एवं हॉस्पिटल, मुजफ्फरपुर तथा विशिष्ट अतिथि श्रीमती सुषमा कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने आयुर्वेद के महत्व और दैनिक जीवन में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की। मुख्य अतिथि डॉ. संजीत कुमार ने कहा कि आयुर्वेद महज उपचार की पद्धति नहीं है, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की समग्र दृष्टि प्रदान करता है। उन्होंने दैनिक जीवन में आयुर्वेदिक दिनचर्या और ऋतुचर्या को अपनाने के साथ योग को जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संतुलित खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाकर कई बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार पाल ने कहा कि शिक्षक-प्रशिक्षुओं की भूमिका केवल अपने स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। वे स्वयं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ समाज और भावी पीढ़ी को भी स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के प्रति प्रेरित कर सकते हैं। उन्होंने आयुर्वेद के प्रति जागरूकता को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम पदाधिकारी श्री रामजी यादव ने विषय की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए एनएसएस के मूलमंत्र “नॉट मी बट यू” पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वयंसेवकों से आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा इसके संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन श्री सरोज कुमार ने किया। इस दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. अनामिका रानी, डॉ. हितेन्द्र कुमार, श्री शैलेंद्र मिश्र, श्री मनोज कुमार, श्री सिद्धेश्वर पटेल, श्री सुरेन्द्र प्रताप, श्री अभिषेक पाल, श्री राजन यादव, श्रीमती प्रतिमा कुमारी और सुश्री गुंजा कुमारी सहित अन्य कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान आयुर्वेद के महत्व, स्वस्थ जीवनशैली, योग और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को दैनिक जीवन में अपनाने के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। वक्ताओं ने कहा कि निरोगी जीवन के लिए खान-पान, दिनचर्या और जीवनशैली में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। अंत में श्रीमती मिन्नी कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इसके साथ ही 11वें आयुर्वेद दिवस कार्यक्रम का समापन हुआ।