DGP विनय कुमार के हटने पर सोशल मीडिया में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं, वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम चर्चा में
- Post By Admin on Sep 26 2026
पटना : बिहार के DGP विनय कुमार अब राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके नए दायित्व में जाने के बाद बिहार पुलिस के लिए पूर्णकालिक DGP की नियुक्ति का रास्ता खुल गया है। फिलहाल प्रीता वर्मा के पास DGP का अतिरिक्त प्रभार है। हालिया रिपोर्टों में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार के दौरान प्रीता वर्मा को राज्य पुलिस की कमान संभालते हुए बताया गया है।
विनय कुमार के मुख्य सूचना आयुक्त बनने की खबर के बाद उनके कार्यकाल और व्यक्तित्व को लेकर सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में उन्हें ईमानदार और मृदुभाषी अधिकारी बताते हुए उनके स्थानांतरण पर असहमति जताई गई है। कुछ पोस्ट में इसे सवर्ण समाज से जोड़कर राजनीतिक आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन सोशल मीडिया दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इन्हें सोशल मीडिया पर व्यक्त राय के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
नए DGP के चयन पर नजर
विनय कुमार के नए पद पर जाने के बाद बिहार के पूर्णकालिक DGP के चयन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है। नियमों के तहत राज्य सरकार वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नामों का प्रस्ताव केंद्र को भेजती है। इसके बाद UPSC की प्रक्रिया के तहत पात्र अधिकारियों में से तीन नामों का पैनल तैयार किया जाता है, जिसके आधार पर राज्य सरकार अंतिम चयन करती है।
संभावित नामों में कई वरिष्ठ IPS अधिकारी
नए DGP को लेकर वरिष्ठ IPS अधिकारियों के कई नाम चर्चा में हैं। इनमें 1991 बैच की IPS अधिकारी प्रीता वर्मा का नाम भी शामिल है। वह फिलहाल कार्यवाहक DGP के साथ होमगार्ड और फायर सर्विसेज से जुड़ी जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। 1992 बैच के IPS अधिकारी बी. श्रीनिवासन का नाम भी संभावित अधिकारियों में बताया जा रहा है। वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर NSG में DG के पद पर तैनात हैं। 1993 बैच के जितेंद्र सिंह गंगवार और जितेंद्र कुमार के नाम भी चर्चा में हैं। जितेंद्र सिंह गंगवार बिहार में DG निगरानी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, जबकि जितेंद्र कुमार केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के DG हैं। 1994 बैच से कुंदन कृष्णन समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी संभावित सूची में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 1995 और 1996 बैच के ADG स्तर के अधिकारियों पर भी विचार किए जाने की बात सामने आ रही है।
अंतिम फैसला चयन प्रक्रिया के बाद
नए DGP को लेकर चर्चा में आए नामों में से अंतिम चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा। UPSC की ओर से पैनल तैयार किए जाने के बाद राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेगी। तब तक प्रीता वर्मा के पास DGP का प्रभार रहेगा। बिहार में DGP पद को लेकर यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब राज्य सरकार के स्तर पर पुलिस प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं। हालिया सरकारी गतिविधियों में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक मामलों से जुड़े निर्णय भी लगातार सामने आए हैं।