लखीसराय में NHM के बजट पर मंथन, शून्य और कम खर्च वाले मदों की हुई समीक्षा

  • Post By Admin on Oct 05 2026
लखीसराय में NHM के बजट पर मंथन, शून्य और कम खर्च वाले मदों की हुई समीक्षा

लखीसराय : सदर अस्पताल के सभागार में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जारी वित्तीय दिशा-निर्देशों को लेकर सोमवार, 5 अक्टूबर, 2026 को जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों को बजट प्रबंधन, निर्धारित वित्तीय प्रक्रिया और योजनाओं के लिए उपलब्ध राशि के उचित उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन-सह-सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति, लखीसराय ने की।

कार्यशाला में प्रभारी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, संचारी रोग पदाधिकारी के साथ सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, प्रखंड लेखापाल, जिला लेखा प्रबंधक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला योजना समन्वयक और जिला सामुदायिक उत्प्रेरक समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मी शामिल हुए।बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत निर्धारित वित्तीय प्रावधानों की जानकारी देते हुए अधिकारियों को बजट का उपयोग स्वीकृत मद और निर्धारित नियमों के अनुसार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही वित्तीय अभिलेखों एवं जरूरी दस्तावेजों के सही तरीके से संधारण और योजनाओं के संचालन में वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

कार्यशाला के दौरान जिला लेखा प्रबंधक ने विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध बजट और अब तक हुए खर्च की समीक्षा की। समीक्षा में ऐसे एफएमआर कोड पर विशेष चर्चा की गई, जिनमें अभी तक कोई खर्च दर्ज नहीं हुआ है या जिनमें अपेक्षा के अनुरूप कम राशि खर्च की गई है। संबंधित अधिकारियों को ऐसे मदों की स्थिति की समीक्षा कर नियमों के तहत आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों को बताया गया कि स्वीकृत राशि का इस्तेमाल संबंधित योजनाओं और गतिविधियों के लिए समय पर किया जाना चाहिए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में किसी तरह की बाधा न आए। सभी प्रखंडों और स्वास्थ्य संस्थानों को अपने स्तर पर बजट तथा खर्च की नियमित निगरानी करने और वित्तीय वर्ष के दौरान निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने को कहा गया। कार्यशाला में वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के साथ समय पर खर्च पूरा करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि लंबित गतिविधियों की नियमित समीक्षा करें और उन्हें निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने की दिशा में काम करें, ताकि वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में राशि खर्च करने का अनावश्यक दबाव न बने।

अध्यक्षीय संबोधन में सिविल सर्जन-सह-सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मिलने वाली राशि का उद्देश्य जिले के लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। इसलिए उपलब्ध बजट का पारदर्शी, नियमानुकूल और प्रभावी उपयोग जरूरी है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को वित्तीय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए स्वीकृत राशि को निर्धारित मदों में समय पर खर्च करने का निर्देश दिया। कार्यशाला के अंत में अधिकारियों और कर्मियों से शून्य तथा कम व्यय वाले मदों की लगातार समीक्षा करने, लंबित कार्यों में तेजी लाने और वित्तीय वर्ष 2026-27 के स्वीकृत बजट का नियमों के अनुरूप अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई।