धर्म समाचार
- Post by Admin on Jan 04 2026
मुजफ्फरपुर : आदिशक्ति माँ श्री जीण भवानी मईया की प्रेरणा से शहर में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण को सजीव करने वाला माँ जीण का शक्ति मंगल पाठ एवं भजनोत्सव आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन 04 जनवरी 2026 (रविवार) को नार्थ बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स, जवाहर लाल रोड, मुजफ्फरपुर में दोपहर 01:00 बजे से माँ की इच्छा तक चलेगा। कार्यक्रम में आमंत्रित एवं स्थानीय भजन प्रवाहक मंगल पाठ के साथ भजठread more
- Post by Admin on Dec 22 2025
नागपुर : ओडिशा के पुरी स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर महाराष्ट्र के नागपुर में भी एक प्राचीन और आस्था से जुड़ा छोटा श्री जगन्नाथ मंदिर मौजूद है, जो करीब 250 वर्ष पुराना बताया जाता है। क्वेवता कॉलोनी के पास स्थित यह मंदिर न सिर्फ अपनी ऐतिहासिक महत्ता के लिए जाना जाता है, बल्कि अपनी अनूठी परंपरा के कारण भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस म read more
- Post by Admin on Dec 22 2025
नई दिल्ली : खरमास का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के मन में यह बात आती है कि इस दौरान कोई शुभ काम नहीं करना चाहिए। सच भी है कि खरमास में विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने गए हैं। लेकिन, बहुत कम लोग जानते हैं कि यही समय सूर्यदेव की साधना के लिए बेहद खास और फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब सूर्यदेव धनु राशि में रहते हैं, तब खरमास लगता है और यह à read more
- Post by Admin on Dec 15 2025
नई दिल्ली : पौष माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि मंगलवार को पड़ रही है। इस दिन सूर्य धनु राशि में और चंद्रमा तुला राशि में रहेंगे। द्रिक पंचांग के अनुसार, मंगलवार को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 56 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 37 मिनट तक रहेगा और राहुकाल का समय दोपहर 2 बजकर 52 मिनट से शुरू होकर शाम 4 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। द्वादशी तिथि पर त्रिपुष्कर योग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र read more
- Post by Admin on Dec 13 2025
नई दिल्ली : पौष माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रविवार को शाम 6 बजकर 49 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद एकादशी तिथि आरंभ हो जाएगी। इस दिन सूर्य वृश्चिक राशि में स्थित रहेंगे, जबकि चंद्रमा रात 9 बजकर 41 मिनट तक कन्या राशि में रहकर इसके बाद तुला राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन सूर्य उपासना के लिए विशेष माना गया है। द्रिक पंचांग के अनुसार, रविवार को अभिजीत मुहूर read more
- Post by Admin on Dec 12 2025
नई दिल्ली : पौष माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि शनिवार शाम 4:37 बजे तक रहेगी, जिसके बाद दशमी तिथि का प्रारंभ होगा। इस दौरान सूर्य वृश्चिक राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में स्थित रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित है और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए यह विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। द्रिक पंचांग के मुताबिक शनिवार को अभिजीत मुहूर्त 11:55 ठread more
- Post by Admin on Nov 20 2025
नई दिल्ली : मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 21 नवंबर को दोपहर 2:47 बजे तक रहेगी, जिसके बाद द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी। इस अवधि में सूर्य और चंद्रमा दोनों ही वृश्चिक राशि में विराजमान रहेंगे। पंचांग के अनुसार, शुक्रवार को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:46 बजे से 12:28 बजे तक रहेगा, जबकि राहुकाल का समय सुबह 10:47 बजे से दोपहर 12:07 बजे तक रहेगा। हालांकि इस दिन कोई प्रमुख पर्व नहीं है read more
- Post by Admin on Nov 17 2025
नई दिल्ली : कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर पड़ने वाली मासिक शिवरात्रि इस बार 18 नवंबर को मनाई जाएगी। इस अवसर पर भक्त भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करेंगे। विशेष बात यह है कि इस बार मासिक शिवरात्रि आडल योग में पड़ रही है, जिसे ज्योतिषशास्त्र में अशुभ माना जाता है। ऐसे में भक्त विशेष पूजा विधि से शिव-सूर्य उपासना कर दुष्प्रभावों को दूर करने की कामना करेंगे। द्रिक पंचाठread more
- Post by Admin on Nov 15 2025
पुरी : दुनिया भर के श्रद्धालुओं का केंद्र जगन्नाथ पुरी मंदिर अपनी आध्यात्मिक चमक, भव्य स्थापत्य और अनोखी परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन इसी मंदिर से जुड़ा एक ऐसा नियम है, जिसे आज भी सुनकर लोग चौंक जाते हैं—मंदिर में अविवाहित प्रेमी जोड़ों का प्रवेश निषिद्ध है। कहते हैं कि चाहे रिश्ता पक्का हो चुका हो या दो लोग प्रेम संबंध में हों, जब तक वे विवाहिता नहीं होते, मंदिà read more
- Post by Admin on Nov 07 2025
लखीसराय : कार्तिक माह के समापन अवसर पर शुक्रवार को लखीसराय शहर के पुरानी बाजार नया टोला वार्ड संख्या 12 स्थित रामबली यादव और लखिया देवी के आवास पर भव्य महा सत्संग सह भंडारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संत मेंही दास सत्संग के जिला आश्रम प्रमुख श्रीकांत बाबा और पृथ्वी बाबा मुख्य प्रवचनकर्ता के रूप में उपस्थित रहे। सत्संग के दौरान श्रीकांत बाबा ने श्रद read more