शिक्षा स्वयंसेवकों के हक की लड़ाई तेज, सरकार से दर्जा दिलाने की सिफारिश

  • Post By Admin on Feb 03 2026
शिक्षा स्वयंसेवकों के हक की लड़ाई तेज, सरकार से दर्जा दिलाने की सिफारिश

पटना : ऑल इंडिया तंजीम-ए-इंसाफ, बिहार के उप महासचिव गुलाम सरवर आजाद ने मंगलवार को अल्पसंख्यक कल्याण समिति (बिहार विधान सभा) के अध्यक्ष जनाब अख्तरुल इमान से उनके बेली रोड स्थित सरकारी आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बिहार के लगभग 30 हजार शिक्षा केंद्रों में कार्यरत शिक्षा स्वयंसेवकों और टोला सेवकों की दयनीय स्थिति से संबंधित 24 पन्नों का ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन सौंपते हुए गुलाम सरवर आजाद ने कहा कि एक ओर नीतीश सरकार बिहार को पूर्ण साक्षर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है, वहीं शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों की कथित संकीर्ण सोच इन प्रयासों को कमजोर कर रही है। उन्होंने पटना के महेंद्रू और गुलज़ारबाग अंचलों के कई स्कूलों की सर्वे रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों के ड्रॉपआउट की दर तेजी से बढ़ रही है, जो भविष्य में साक्षरता दर के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए समिति के अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने प्रस्तुत समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ‘स्थान परिवर्तन’ के नाम पर हटाए गए शिक्षा स्वयंसेवकों को पुनः उनके पुराने केंद्रों पर तैनात कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही शिक्षा स्वयंसेवकों और टोला सेवकों को शिक्षा मित्रों की तरह विशेष प्रशिक्षण दिलाकर उन्हें ‘शिक्षक’ का दर्जा देने की सिफारिश बिहार सरकार से की जाएगी।

अख्तरुल इमान ने यह भी कहा कि ‘मार्गदर्शिका 2018’ के उन प्रावधानों को, जो मानवाधिकारों का उल्लंघन करते प्रतीत होते हैं, उनमें संशोधन या आवश्यकता पड़ने पर पूरी मार्गदर्शिका को पुनः तैयार कराने की दिशा में पहल की जाएगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि शिक्षा स्वयंसेवकों और टोला सेवकों के हितों की रक्षा के लिए समिति पूरी गंभीरता से कार्य करेगी।