बजट 2026 से बदलेगी पहाड़ों की तस्वीर, किसानों और पर्यटन को मिली बड़ी सौगात
- Post By Admin on Feb 01 2026
नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026 में किसानों की आय बढ़ाने और देश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए कई अहम कदमों की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि इन प्रस्तावों का उद्देश्य संतुलित, समावेशी और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकें।
बजट में तटीय इलाकों के किसानों को उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर प्रोत्साहित करने का फैसला किया गया है। इसके तहत नारियल, काजू और कोको जैसी नकदी फसलों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में अखरोट और पाइन नट्स जैसी मेवों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा।
पर्यटन क्षेत्र में भी सरकार ने कई बड़ी घोषणाएं की हैं। नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी को अपग्रेड कर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना की जाएगी। यह संस्थान शिक्षा, उद्योग और सरकार के सहयोग से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में प्रशिक्षण, रिसर्च और मानकों को मजबूत करेगा।
इसके अलावा, देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10 हजार टूर गाइड्स को प्रशिक्षित करने के लिए एक पायलट योजना शुरू की जाएगी। यह 12 सप्ताह का मानकीकृत प्रशिक्षण कार्यक्रम हाइब्रिड मोड में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
सरकार एक राष्ट्रीय डिजिटल डेस्टिनेशन नॉलेज ग्रिड भी तैयार करेगी, जिसके तहत देश के सभी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत स्थलों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाएगा, ताकि पर्यटकों को बेहतर जानकारी और सुविधाएं मिल सकें।
पर्यावरण और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में टिकाऊ पर्वतीय ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही पूर्वी घाट की अराकू घाटी और पश्चिमी घाट के पुडिगई मलै में भी ऐसे ट्रेल्स बनाए जाएंगे।
वन्यजीव पर्यटन के क्षेत्र में ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुआ नेस्टिंग साइट्स पर टर्टल ट्रेल्स और आंध्र प्रदेश-तमिलनाडु सीमा स्थित पुलिकट झील के आसपास बर्ड-वॉचिंग ट्रेल्स विकसित करने की घोषणा की गई है।
सरकार का दावा है कि इन पहलों से न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे और ग्रामीण व पर्वतीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।