पितृ स्मृति में पौधारोपण की अनूठी पहल, पीपल-बरगद समेत लगाए 11 पौधे
- Post By Admin on Oct 09 2026
लखीसराय : चानन प्रखंड के इटौन-मननपुर क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और पूर्वजों की स्मृति को प्रकृति से जोड़ने की पहल की गई। स्वर्गीय ब्रजकिशोर सिंह की पुण्य स्मृति में पीपल, बरगद, गूलर और पाकड़ के कुल 11 पौधे लगाए गए। पर्यावरण भारती के पौधारोपण अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी शक्ति कुमार ने किया, जबकि रणजीत कुमार ने सहयोग दिया। पौधारोपण के दौरान पीपल के दो, बरगद के तीन, गूलर के चार और पाकड़ के दो पौधे लगाए गए। आयोजन का उद्देश्य देव वृक्षों के संरक्षण के साथ लोगों को अपने पूर्वजों की स्मृति में पौधे लगाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना था।
पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में पेड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने चिंता जताई कि जंगलों की कटाई और हरित क्षेत्र में कमी के कारण प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हो रहा है। उनके अनुसार, ग्लोबल वार्मिंग, भूस्खलन, आकाशीय बिजली गिरने, बादल फटने, हिमनदों के तेजी से पिघलने और समुद्री चक्रवात जैसी घटनाओं से निपटने के लिए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपने घरों के आसपास पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। साथ ही पितृपक्ष के अवसर पर पूर्वजों की पुण्य स्मृति में पीपल, बरगद, गूलर और पाकड़ जैसे पारंपरिक देव वृक्ष लगाने का संदेश दिया।
पर्यावरणविद अवनीश प्रिंस ने अपने पिता स्वर्गीय ब्रजकिशोर सिंह की स्मृति में पौधारोपण करते हुए उनके सामाजिक जीवन और विचारों को याद किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के साथ मानव सेवा में सक्रिय रहते थे। वे अपने पुत्र-पुत्रियों को सेवा भावना के साथ पर्यावरण संरक्षण का महत्व भी समझाते थे और स्वयं वृक्षारोपण अभियान में भाग लेते थे। उनकी स्मृति में देव वृक्षों का रोपण उनके विचारों को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है।कार्यक्रम के दौरान अवनीश प्रिंस ने 9 अक्टूबर को मनाए जाने वाले विश्व डाक दिवस के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 9 अक्टूबर 1874 को स्विट्जरलैंड के बर्न में सार्वभौमिक डाक संघ की स्थापना हुई थी। वर्ष 1969 में जापान के टोक्यो में आयोजित डाक संबंधी सम्मेलन के दौरान इस दिन को विश्व डाक दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई थी। वर्ष 2026 के लिए इसकी थीम ‘एक डाक नेटवर्क, अनंत संभावनाएं’ बताई गई। उन्होंने भारत में डाक व्यवस्था के बदलते स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि डाक सेवा ने लंबे समय तक लोगों को आपस में जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। संचार के आधुनिक साधनों के विस्तार के बावजूद डाक व्यवस्था का अपना महत्व बना हुआ है। ऐसे अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण करना समाज को सकारात्मक संदेश देने वाला प्रयास है।
पर्यावरण भारती के इस अभियान में शक्ति कुमार, रणजीत कुमार, अवनीश प्रिंस, हिमालय, राम बिलास शाण्डिल्य, सुरेंद्र चन्द्रवंशी, दिनेश गुप्ता, अजय कुमार, अजीत कुमार, दीपक सुंदरम और रौनक सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।