​लखीसराय: शांति समिति की बैठक में फैसला, नियमों का पालन करने पर ही मिलेगा पंडाल का लाइसेंस

  • Post By Admin on Oct 07 2026
​लखीसराय: शांति समिति की बैठक में फैसला, नियमों का पालन करने पर ही मिलेगा पंडाल का लाइसेंस

लखीसराय : आगामी दुर्गा पूजा और दशहरा 2026 को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में शांति समिति की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ जिले भर की विभिन्न पूजा समितियों के प्रतिनिधियों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। बैठक का मुख्य फोकस पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित करने पर रहा।

बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने सुरक्षा योजना की जानकारी देते हुए बताया कि जिले के सभी थाना क्षेत्रों को अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया है। इस वर्ष जिले में कुल 123 प्रतिमाओं की रिपोर्टिंग की गई है, और प्रत्येक प्रतिमा स्थापना स्थल के साथ एक प्रशासनिक अथवा पुलिस अधिकारी को टैग किया जाएगा। यह अधिकारी प्रतिमा की स्थापना से लेकर विसर्जन तक संबंधित पूजा समिति के साथ लगातार समन्वय बनाए रखेंगे, जिसके लिए दोनों पक्षों को एक-दूसरे का संपर्क सूत्र उपलब्ध कराया जाएगा। सभी चिन्हित संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती का खाका तैयार कर लिया गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पूजा पंडाल और प्रतिमा स्थापना के लिए तय की गई कड़ी शर्तों का पालन करने पर ही लाइसेंस निर्गत किया जाएगा। यह लाइसेंस केवल सक्रिय समिति सदस्यों को ही दिया जाएगा, जबकि नाबालिगों को लाइसेंस देने पर पूर्ण रोक रहेगी। लाइसेंस जारी करने से पूर्व समिति सदस्यों के आवश्यक पहचान संबंधी दस्तावेजों का गहन सत्यापन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक पूजा पंडाल में अनिवार्य रूप से पहचान चिह्न युक्त पर्याप्त वॉलंटियर्स की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संबंध में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि इसके लिए भी पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। पंडालों में केवल विशुद्ध सांस्कृतिक आयोजन जैसे भजन, कीर्तन और जागरण की ही अनुमति मिलेगी। डीजे बजाने, अश्लील गीतों और किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक कार्यक्रमों के आयोजन पर पूर्ण पाबंदी रहेगी, और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं निर्धारित समय सीमा के भीतर शांतिपूर्ण विसर्जन संपन्न करने वाली समितियों को प्रशासन की ओर से पुरस्कृत कर प्रोत्साहित भी किया जाएगा।

प्रतिमा विसर्जन को लेकर तय रूट का अक्षरशः पालन करने का आदेश दिया गया है, जिसमें किसी भी परिस्थिति में बदलाव की अनुमति नहीं होगी। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रतिमाओं का निर्माण इको-फ्रेंडली सामग्री से करने तथा विसर्जन केवल निर्धारित तालाबों या पोखरों में करने को कहा गया है; नदी की मुख्य धारा में विसर्जन पूरी तरह वर्जित रहेगा। विसर्जन जुलूस के दौरान भी अश्लील गीतों पर पैनी नजर रखी जाएगी।

अग्नि सुरक्षा के लिहाज से पंडालों में बालू भरी बाल्टियां और चालू हालत में अग्निशमन उपकरण रखना अनिवार्य किया गया है। हर पंडाल में सीसीटीवी कैमरे लगाकर उन्हें सीधे डिस्प्ले स्क्रीन से जोड़ने का निर्देश दिया गया है। विद्युत एवं भवन प्रमंडल द्वारा सुरक्षा मानकों से जुड़े आवश्यक नोटिस जारी किए जाएंगे। मद्यनिषेध विभाग और पुलिस को शराब तस्करों, असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों पर कड़ी निगरानी रखने की हिदायत दी गई है। जिले के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में सघन वाहन व शराब जांच अभियान तत्काल प्रभाव से शुरू कर दिया गया है। अनुमंडल पदाधिकारी को आवश्यकता पड़ने पर निरोधात्मक कार्रवाई करने तथा संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित फ्लैग मार्च निकालने के निर्देश दिए गए हैं।

अपर समाहर्ता नीरज कुमार ने अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने तथा हालिया घटनाक्रमों के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी। पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने पूजा समितियों से नियमों का शत-प्रतिशत अनुपालन करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। शांति समिति की बैठक के तुरंत बाद जिला पदाधिकारी ने थाना प्रभारियों और अंचल अधिकारियों के साथ विधि-व्यवस्था की आंतरिक समीक्षा की। साथ ही, बिहार के मुख्य सचिव द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में भी जिला प्रशासन ने भाग लिया और पर्व को निर्विघ्न संपन्न कराने के राज्यस्तरीय निर्देशों को प्राप्त किया। इस बैठक में जिला प्रशासन व पुलिस विभाग के तमाम वरीय अधिकारी मौजूद रहे।