मेधावी छात्रों को मिलेगा स्थायी प्रोत्साहन: बीआरएबीयू में शुरू हुई डॉ. महाचंद्र प्रसाद सिंह छात्रवृत्ति योजना

  • Post By Admin on Oct 05 2026
मेधावी छात्रों को मिलेगा स्थायी प्रोत्साहन: बीआरएबीयू में शुरू हुई डॉ. महाचंद्र प्रसाद सिंह छात्रवृत्ति योजना

मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के रसायनशास्त्र विभाग से अपने विद्यार्थी और शिक्षक जीवन का रिश्ता रखने वाले डॉ. महाचंद्र प्रसाद सिंह ने अब इसी विभाग के मेधावी विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के लिए स्थायी पहल की है। उन्होंने विभाग के प्रतिभाशाली छात्रों के लिए ‘डॉ. महाचंद्र प्रसाद सिंह मेधा छात्रवृत्ति योजना’ शुरू की है। योजना के तहत हर वर्ष रसायनशास्त्र के पांच टॉपर्स को 25-25 हजार रुपए की छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसके लिए 30 लाख रुपए की राशि बैंक में सावधि जमा की गई है, जिसके ब्याज से छात्रवृत्ति का नियमित संचालन किया जाएगा।

विश्वविद्यालय के रसायनशास्त्र विभाग और स्वामी सहजानंद सरस्वती विकास सेवा संस्थान, मुजफ्फरपुर के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को प्रो. टी. शर्मा मेमोरियल हॉल में आयोजित समारोह में इस योजना की औपचारिक शुरुआत हुई। कार्यक्रम में विभाग के मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के चेक, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं उच्च जातियों के विकास के लिए राज्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. महाचंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि रसायनशास्त्र विभाग से उनका जुड़ाव केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने यहां विद्यार्थी के रूप में शिक्षा हासिल की और बाद में शिक्षक बनकर विद्यार्थियों को पढ़ाने का अवसर भी मिला। इसी विभाग के प्रतिभाशाली छात्रों के लिए कुछ स्थायी करने की इच्छा लंबे समय से थी, जिसे अब छात्रवृत्ति योजना के रूप में साकार किया गया है।

डॉ. सिंह ने कहा कि प्रतिभा को आर्थिक परिस्थितियों के कारण रुकना नहीं चाहिए। कई बार मेधावी विद्यार्थी संसाधनों की कमी के चलते उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में अपनी क्षमता के अनुरूप आगे नहीं बढ़ पाते हैं। ऐसे छात्रों को समय पर मिलने वाला आर्थिक सहयोग उनकी राह आसान कर सकता है। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धि को सम्मान देकर उनमें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास पैदा करना भी है। उन्होंने बताया कि 30 लाख रुपए की सावधि जमा से मिलने वाले ब्याज का उपयोग छात्रवृत्ति देने में किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष रसायनशास्त्र विभाग के पांच टॉपर्स को 25-25 हजार रुपए मिलेंगे। इस व्यवस्था से योजना निरंतर चलती रहेगी और आने वाले वर्षों में भी बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलता रहेगा।

समारोह की अध्यक्षता बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. डॉ. समीर कुमार शर्मा ने की। उन्होंने डॉ. महाचंद्र प्रसाद सिंह की पहल को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि अपने ही शिक्षण संस्थान से जुड़े विद्यार्थियों के लिए स्थायी छात्रवृत्ति शुरू करना शिक्षा और मेधा के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है। ऐसी योजनाओं से विद्यार्थियों में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और उन्हें उच्च शिक्षा एवं शोध के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने आर्थिक रूप से सक्षम लोगों से भी शिक्षा के क्षेत्र में इसी तरह आगे आने की अपील की। उनका कहना था कि यदि विश्वविद्यालय के अलग-अलग विभागों में ऐसी स्थायी छात्रवृत्ति योजनाएं शुरू हों तो विद्यार्थियों को लगातार प्रोत्साहन मिलेगा और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को नई मजबूती मिल सकती है।

विशिष्ट अतिथि आरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. एस. मुमताजुद्दीन ने कहा कि छात्रवृत्ति जैसी पहल विद्यार्थियों में उत्साह बढ़ाती है और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण तैयार करती है। इससे संस्थानों में बेहतर शैक्षणिक माहौल विकसित करने में भी मदद मिलती है। सिंडिकेट सदस्य डॉ. सीमा शर्मा ने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों के लिए स्थायी छात्रवृत्ति की व्यवस्था डॉ. महाचंद्र प्रसाद सिंह की शिक्षा और प्रतिभा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आर्थिक कठिनाइयों के कारण कोई प्रतिभा पीछे न छूटे, इसके लिए इस तरह की पहल बेहद महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. बिपिन राय, डॉ. शिवनाथ प्रसाद, श्रीविकास, उपेंद्र सिंह, डॉ. रामकुमार सहित अन्य वक्ताओं ने भी विचार रखे। कार्यक्रम का संयोजन, संचालन और स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नावेदुल हक ने किया। इस अवसर पर रसायनशास्त्र विभाग के कृति मिलन, रूपा कुमारी, दिवाकर कुमार, राजीव रंजन और परिणिष्ठा को 25-25 हजार रुपए की छात्रवृत्ति का चेक प्रदान किया गया। विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर भी सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन विभाग के डॉ. अभिनंदन श्रीवास्तव ने किया। समारोह में डॉ. विनोद कुमार चौधरी, डॉ. नूतन, डॉ. ललन कुमार, डॉ. भावना सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, विभिन्न विभागों एवं महाविद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।