मतदाता सूची से हटाए गए नामों को तत्काल जोड़ने की मांग, छोटी कल्याणी में हुई प्रतिवाद सभा
- Post By Admin on Sep 26 2026
मुजफ्फरपुर : विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) की मुजफ्फरपुर इकाई ने शुक्रवार को प्रतिवाद मार्च निकाला। पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मार्च में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, एसआईआर की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और मतदाता सूची से हटाए गए नामों को पुनः जोड़ने की मांग की गई।
प्रतिवाद मार्च की शुरुआत मोतीझील स्थित जिला कार्यालय से हुई। विभिन्न मार्गों से होते हुए मार्च छोटी कल्याणी पहुंचा, जहां प्रतिवाद सभा आयोजित की गई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एसआईआर और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे को लेकर नारे लगाए।
सभा को संबोधित करते हुए एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के बिहार राज्य कमिटी सदस्य अर्जुन कुमार ने 23 सितंबर को ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित एसआईआर से संबंधित रिपोर्ट का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ निर्णयों और प्रक्रियाओं को लेकर लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में मतदाता जोड़ने, नाम हटाने और मतदाता सूची से जुड़े तकनीकी प्रबंधन सहित कई मुद्दों पर आपत्तियों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों के जवाब में कहा है कि अलग-अलग विचार और टिप्पणियां संस्थागत विचार-विमर्श का सामान्य हिस्सा हैं और पिछले एक वर्ष में आयोग द्वारा लिए गए निर्णय पूर्ण आयोग के सर्वसम्मत निर्णय थे। अर्जुन कुमार ने सभा के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, एसआईआर की सभी प्रक्रियाओं को रोकने और एसआईआर के तहत मतदाता सूची से हटाए गए नामों को पुनः शामिल करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र मतदाता मतदान से वंचित न रहे।
उन्होंने एसआईआर के दौरान दस्तावेजों की मांग और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर गरीब एवं आम लोगों की परेशानियों का भी मुद्दा उठाया। उनके अनुसार, लंबे समय से क्षेत्र में रह रहे लोगों को दस्तावेजों के आधार पर अपनी पात्रता साबित करने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एसआईआर के माध्यम से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। पार्टी ने इस संबंध में तत्काल पुनरीक्षण और नामों की बहाली की मांग की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जारी एसआईआर के दौरान 13 करोड़ से अधिक नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए जाने की बात सामने आई है। प्रतिवाद सभा को लाल बाबू महतो, शशि भूषण चौधरी, काशीनाथ सहनी, विपिन कुमार ठाकुर, लाल बाबू राय, कौशल भक्त, माधव भक्त, नरेश राम, मो. कलाम, शिव कुमार, अरविंद कुमार और विजय कुमार सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि पार्टी मतदाता सूची, मतदान के अधिकार और एसआईआर से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना विरोध आगे भी जारी रखेगी।