विविध समाचार
- Post by Admin on Jan 10 2026
दुनिया के लिए वर्ष 2025 जलवायु संकट की भयावह तस्वीर लेकर सामने आया। अंतरराष्ट्रीय राहत संस्था Christian Aid की रिपोर्ट Counting the Cost 2025 के अनुसार, बीते साल जलवायु से जुड़ी आपदाओं ने वैश्विक स्तर पर 120 अरब डॉलर से अधिक का आर्थिक नुकसान किया। यह नुकसान केवल धन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लाखों लोगों की जिंदगी, घर और आजीविका भी इसकी चपेट में आ गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 के दौरान दुनिया भर में क read more
- Post by Admin on Jan 02 2026
नई दिल्ली : साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है और नए साल के आते ही हर तरफ उत्साह और खुशियों का माहौल है। अगर आप भी इस साल अपनी छुट्टियों और त्योहारों की प्लानिंग करना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके काम आएगी। इस साल कई लंबे वीकेंड और खास मौके हैं, जिनके आसपास आप अपने वेकेशन या ट्रिप्स का प्लान बना सकते हैं। 13 जनवरी को लोहड़ी मनाई जाएगी। इसके अगले दिन यानी 14 जनवरी को मकर संक्रांति read more
- Post by Admin on Jan 02 2026
नई दिल्ली : पुणे की संकरी गलियों में साल 1848 की एक सुबह एक महिला अपने घर से निकली। उसके हाथ में कुछ किताबें थीं और आंखों में एक अजीब सा आत्मविश्वास। जैसे ही वह सड़क पर आगे बढ़ी, गलियों के कोनों पर खड़े लोग फुसफुसाने लगे। अचानक एक पत्थर उनके कंधे पर आकर लगा। फिर उनके चेहरे पर कीचड़ उछाला गया और अपशब्दों की बौछार होने लगी, लेकिन वह महिला रुकी नहीं। उसे पता था कि आज फिर उसे स् read more
- Post by Admin on Dec 30 2025
नई दिल्ली : वर्ष 2025 भारतीय सेना के लिए रणनीतिक मजबूती, तकनीकी आत्मनिर्भरता और निर्णायक सैन्य कार्रवाइयों का साक्षी रहा। इस वर्ष सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी अहम सैन्य कार्रवाई से लेकर अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों के समावेश और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन तक कई बड़े माइलस्टोन हासिल किए। मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन ‘सिंदूर’ को अंजाम read more
- Post by Admin on Dec 22 2025
पटना : नए साल यानी 2026 के आने में अब एक सप्ताह ही समय बचा है। बिहार के लोग नए साल 2026 के स्वागत की तैयारी में जुट गए हैं। इस बीच, 2025 के गुजरे समय की घटनाओं की यादों को संजोए रखना चाहते हैं। इस वर्ष बिहार की राजनीति में कई युवा नेताओं के नाम भले उभरते दिखे, लेकिन 'सुशासन बाबू' के नाम से चर्चित नीतीश कुमार का जलवा इस साल भी बरकरार रहा। इस साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कु read more
- Post by Admin on Dec 21 2025
नई दिल्ली : अक्सर गाली देना बदतमीजी या गुस्से की अभिव्यक्ति माना जाता है, लेकिन अब विज्ञान इसे एक अलग नजरिए से देख रहा है। हालिया शोध में दावा किया गया है कि गाली देना न केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया है, बल्कि यह शरीर की ताकत और हिम्मत को कुछ समय के लिए बढ़ा भी सकता है। यानी कठिन हालात में मुंह से निकली एक गाली शरीर के भीतर छुपी ऊर्जा को जगा सकती है। इस शोध का नेतृत्व ब्रिटेन read more
- Post by Admin on Dec 17 2025
नई दिल्ली : साल 2025 अपने समापन के नजदीक है। देश के राजनीतिक परिदृश्य से यह साल काफी अहम रहा। पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों के बीच विवाद देखा गया। कई बड़े विवादों ने सत्ता, विपक्ष और जनता के बीच तनाव बढ़ाया। इनमें अंतरराष्ट्रीय तनाव से लेकर घरेलू चुनावी मुद्दे, कानूनी सुधार और सामाजिक मामले शामिल रहे। हम ऐसे ही कई मुद्दों को जानने की कोशिश करते हैं। भारतीय राजनीति में read more
- Post by Admin on Dec 17 2025
नई दिल्ली : साल 2025 अब खत्म होने वाला है। 2025 का ये आखिरी महीना चल रहा है और इस साल कई अच्छी और बुरी घटनाएं हमें देखने को मिलीं। कुछ घटनाएं हमारी आंखों को नम कर गईं, तो कुछ घटनाएं दिलों को खुशियों से भर गईं। ऐसे में जानते हैं दुनिया की कुछ ऐसी घटनाएं, जिन्होंने खूब सुर्खियां बटोरीं। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में आतंकियों ने घुसकर पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर उनकी हत read more
- Post by Admin on Dec 14 2025
नई दिल्ली : हल्दी सिर्फ रसोई का स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं है, बल्कि आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल सदियों से शरीर के रोगों से लड़ने में किया जा रहा है। हल्दी संक्रमण और रोगों से बचाती है, लेकिन त्वचा के लिए किसी हाइड्रा फेशियल से कम नहीं है। ये शरीर को भीतर से विषमुक्त करती है, रक्त को शुद्ध रखती है और त्वचा के गहरे स्तरों तक सूजन, रूखापन और बैक्टीरियल प्रभाव को खत्म read more
- Post by Admin on Oct 05 2025
बरसात आई, बदरा छाए, गांव के रस्ते फिर दलदल पाए । तीन दिन से नभ झुका हुआ, धरती का आंचल भीगा हुआ। कुएं का पानी , पोखर लबालब, छत से टपके बूंदों का जलतरंग सब। मां कहे- "झपसी लागल रे बेटा !" खेतन में सोने लगल है मेड़ा। गाय बंधी बथान में चुपचाप, चूल्हा बुझा, उठे धुंआ आप। बालक खेले छप्पर के नीचे, कागज की नाव चले धीरे-धीरे। पानी में भींगती है आस, read more