LS कॉलेज में छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू, NEP और प्रशासनिक वादाखिलाफी के खिलाफ आंदोलन

  • Post By Admin on Sep 30 2026
LS कॉलेज में छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू, NEP और प्रशासनिक वादाखिलाफी के खिलाफ आंदोलन

मुजफ्फरपुर: लंगट सिंह महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पूर्व में दिए गए आवेदनों और ज्ञापनों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने तथा लगातार आश्वासन दिए जाने के विरोध में छात्र-छात्राओं ने बुधवार से अनिश्चितकालीन धरना एवं क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी। आंदोलनकारी छात्रों ने कहा कि उनकी मांगें केवल महाविद्यालय की मूलभूत सुविधाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) से जुड़ी छात्र समस्याओं समेत कई महत्वपूर्ण छात्रहित के मुद्दों से संबंधित हैं।

आंदोलन शुरू करने से पहले अनशन पर बैठने वाले छात्र-छात्राओं ने कॉलेज एवं विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। इस दौरान छात्रों ने छात्रहित एवं छात्र अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इसके बाद सैकड़ों छात्र-छात्राएं नारेबाजी करते हुए धरना स्थल पर पहुंचे और अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया।

छात्रों के आंदोलन की सूचना मिलने पर बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति के निर्देश पर विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर धरना स्थल पर पहुंचे और अनशनकारी छात्रों से बातचीत की। छात्रों ने वार्ता के दौरान कहा कि आंदोलन महाविद्यालय की आधारभूत समस्याओं के साथ-साथ विश्वविद्यालय स्तर पर लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति से संबंधित छात्र समस्याओं, वर्षों से बंद छात्रावासों को खोलने तथा अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के छात्रों एवं सभी वर्ग की छात्राओं से शासनादेश के विरुद्ध लिए गए नामांकन शुल्क की वापसी की मांग को लेकर है। छात्रों ने महाविद्यालय में सिलेबस से संबंधित पुस्तकों की पर्याप्त उपलब्धता, नियमित प्रयोगशाला संचालन, नियमित कक्षाओं का संचालन, स्वच्छ पेयजल एवं शौचालय की समुचित व्यवस्था तथा बॉयज कॉमन रूम जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

भूख हड़ताल पर बैठे छात्र सुशांत ने कहा कि छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर पूर्व में कई बार आवेदन एवं ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके बावजूद बार-बार आश्वासन मिलने के बाद भी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि छात्र अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि अपनी मांगों पर ठोस और लिखित कार्रवाई चाहते हैं। वहीं, छात्र दीपेश ने वर्षों से बंद छात्रावासों को तत्काल खोलने तथा छात्रों और छात्राओं से शासनादेश के विरुद्ध वसूले गए शुल्क को वापस करने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं की मांग करना छात्रों का अधिकार है और मांगों पर सकारात्मक पहल होने तक शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।

आंदोलनकारी छात्रों ने कहा कि विभिन्न समस्याओं को लेकर पहले भी विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय प्रशासन को कई बार आवेदन और ज्ञापन दिए गए, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। छात्रों ने स्पष्ट किया कि वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें प्रशासन के समक्ष रखते रहेंगे तथा ठोस पहल होने तक आंदोलन जारी रखेंगे। धरना एवं क्रमिक भूख हड़ताल में तान्या कुमारी, गौरी कुमारी, श्रुति कुमारी, केसर कुमारी, नैना कुमारी, संध्या कुमारी, निखिल राज, अमन कुमार, हिमांशु, सुजीत, आशुतोष, अनमोल, अमीत, प्रभात, नितीश कुमार, लोकेश, शिवम, नितीन और सौरभ सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।