दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा सख्त, राजधानी-संपूर्ण क्रांति समेत कई ट्रेनें रद्द
- Post By Admin on Oct 09 2026
नई दिल्ली : दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में बदलाव की तैयारी के बीच रेलवे ने कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है। इसका असर बिहार से राष्ट्रीय राजधानी जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ सकता है। रद्द की गई ट्रेनों में तेजस राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस और मगध एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के नाम सामने आए हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे स्टेशन के लिए निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें।
रेलवे के निर्देश के मुताबिक, 9 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे के बाद शुरुआती स्टेशन से चलने वाली और 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली अथवा हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पहुंचने वाली निर्धारित मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया गया। इसके पीछे दोनों प्रमुख रेलवे स्टेशनों के आसपास संभावित भारी यातायात जाम और परिचालन संबंधी परेशानियों की आशंका बताई गई है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान
दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किए जाने की जानकारी रिपोर्टों में दी गई है। प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाए जाने की बात कही गई है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर भी आपत्तियां जताई गई हैं। ये प्रदर्शन से जुड़े पक्षों के आरोप और मांगें हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर सतर्कता बढ़ाए जाने की खबरें हैं। हालांकि, रेलवे के आदेश में ट्रेनों को रद्द करने की वजह के रूप में नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन के आसपास संभावित यातायात जाम का उल्लेख किया गया है। प्रदर्शन और रेल सेवाओं पर निर्णय के बीच संबंध को लेकर आधिकारिक स्पष्टीकरण की पुष्टि आवश्यक है।
57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश द्वारों पर पाबंदी का अनुरोध
प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस की ओर से दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) को 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने पर विचार करने का अनुरोध किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। रिपोर्टों में इस व्यवस्था को 9 अक्टूबर की रात से 10 अक्टूबर को स्थिति सामान्य होने तक लागू रखने का प्रस्ताव बताया गया। मेट्रो ट्रेनों की आवृत्ति कम करने का अनुरोध किए जाने की बात भी कही गई है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि पुलिस की ओर से किया गया अनुरोध और मेट्रो प्रशासन का अंतिम निर्णय अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए यात्रियों को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि सभी संबंधित स्टेशनों के द्वार बंद कर दिए गए हैं। मेट्रो से सफर करने से पहले आधिकारिक सूचना देखना जरूरी होगा।
प्रदर्शन की अनुमति को लेकर क्या है स्थिति?
जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने सीजेपी और कुछ छात्र संगठनों को प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से बताया गया कि प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन 7 अक्टूबर को मिला था, जबकि निर्धारित प्रक्रिया के तहत कम से कम 10 दिन पहले आवेदन करना आवश्यक है। पूर्व में हुए एक प्रदर्शन के दौरान नियमों के उल्लंघन का भी उल्लेख किया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू किए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। इस प्रावधान के तहत प्रशासन संभावित अशांति या सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े खतरे को रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर सकता है। आदेश के वास्तविक दायरे और लागू रहने की अवधि की पुष्टि आधिकारिक अधिसूचना से की जानी चाहिए।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
ट्रेनों के परिचालन में बदलाव की खबरों के बीच यात्रियों को केवल सोशल मीडिया संदेशों या अधूरी सूचनाओं के आधार पर यात्रा रद्द करने का फैसला नहीं लेना चाहिए। सबसे पहले अपनी ट्रेन का नंबर, प्रस्थान स्टेशन और यात्रा की तारीख देखकर रेलवे की आधिकारिक पूछताछ सेवा या संबंधित स्टेशन से जानकारी प्राप्त करें। ट्रेन रद्द होने की स्थिति में धनवापसी और वैकल्पिक यात्रा के नियमों की जानकारी भी लें। दिल्ली में मेट्रो से सफर करने वाले यात्री यात्रा शुरू करने से पहले संबंधित स्टेशन की स्थिति की पुष्टि करें। यदि किसी मार्ग पर प्रतिबंध लागू होता है, तो अतिरिक्त समय लेकर निकलना और वैकल्पिक मार्ग की जानकारी रखना उपयोगी होगा।