कमजोर पड़ा तूफान अर्नब, लेकिन बारिश का खतरा बरकरार; बिहार समेत कई राज्यों में अलर्ट

  • Post By Admin on Oct 30 2026
कमजोर पड़ा तूफान अर्नब, लेकिन बारिश का खतरा बरकरार; बिहार समेत कई राज्यों में अलर्ट

नई दिल्ली : चक्रवाती तूफान अर्नब का असर भले ही धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है, लेकिन देश के कई राज्यों में बारिश का खतरा अभी बना हुआ है। तूफान के तट से टकराने के बाद ओडिशा में भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। वहीं, मौसम विभाग ने बिहार के उत्तरी हिस्सों में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई है। उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान अर्नब 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था। इसके बाद यह धीरे-धीरे कमजोर होता गया। शुरुआत में यह चक्रवाती तूफान से गहरे अवदाब में बदला और फिर 29 अक्टूबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ तथा उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर अवदाब के रूप में पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम आगे कमजोर होकर स्पष्ट कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया।

आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद बदला तूफान का रास्ता

तूफान अर्नब बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में विकसित हुआ था। समुद्र के ऊपर इसकी ताकत लगातार बढ़ी और यह अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान की श्रेणी में पहुंच गया। इसके आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने के साथ ही तटीय जिलों में प्रशासन ने बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी थी।

तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश के निचले और संवेदनशील इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। तटीय क्षेत्रों में राहत शिविर बनाए गए और मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई। बिजली, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमों को भी सतर्क रखा गया। तूफान के तट से गुजरने के बाद इसकी गति और ताकत में कमी आई, लेकिन इसके साथ जुड़ी नमी और वायुमंडलीय गतिविधियों के कारण मध्य तथा पूर्वी भारत में बारिश का दौर जारी रहा।

ओडिशा में आसमान से आफत, कई इलाकों में रिकॉर्ड बारिश

चक्रवात अर्नब के प्रभाव से ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। निचले क्षेत्रों में पानी भरने और आवागमन में परेशानी की स्थिति बनी।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 29 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे तक समाप्त हुए पिछले 24 घंटों में गंजाम जिले के पत्रापुर में 546 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सोराडा में 503 मिलीमीटर, महेंद्रगढ़ में 458 मिलीमीटर और उदयगिरि में 462 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।इतनी अधिक बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी। ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई। प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में जलनिकासी और राहत व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत पड़ी।

बिहार के लिए मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी

तूफान अर्नब का प्रभाव बिहार के मौसम पर भी देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर को राज्य के उत्तरी हिस्सों में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके साथ ही राज्य के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक और तेज हवा चलने की संभावना है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार के अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। बारिश के कारण निचले इलाकों में जलजमाव, यातायात बाधित होने और खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों को खुले स्थानों पर रखी कटी हुई फसल को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में आंधी और ओलावृष्टि की आशंका

मौसम में बदलाव का असर केवल पूर्वी भारत तक सीमित नहीं है। 30 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।

दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद के कुछ हिस्सों में मौसम अचानक बदल सकता है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी है।

बंगाल की खाड़ी में एक और नया मौसमी सिस्टम सक्रिय

इसी बीच बंगाल की खाड़ी में एक अन्य मौसमी सिस्टम भी विकसित हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 29 अक्टूबर को दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना था। इसके अगले 24 घंटों में और संगठित होने तथा उसके बाद दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के आसपास अवदाब में बदलने की संभावना जताई गई है। इस सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने का अनुमान है। इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने इस नए सिस्टम पर भी नजर बनाए रखी है।

रेलवे परिचालन पर भी पड़ा तूफान का असर

तूफान और उसके बाद हुई भारी बारिश का असर रेल परिचालन पर भी देखने को मिला है। दक्षिण तटीय रेलवे क्षेत्र में पुल के पास जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के कारण कुछ रेलगाड़ियों को रद्द और कुछ के मार्ग में बदलाव किया गया। यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले संबंधित रेलगाड़ी की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

मौसम खराब होने पर बरतें सावधानी

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें। बिजली कड़कने के समय खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों को कटी हुई फसल और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी जाती है। फिलहाल चक्रवात अर्नब कमजोर होकर कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल चुका है, लेकिन इससे जुड़ी मौसमी गतिविधियों का असर कई राज्यों में बना हुआ है। बिहार समेत पूर्वी भारत के राज्यों में बारिश को लेकर सतर्कता जरूरी है। वहीं, बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए मौसमी सिस्टम पर भी मौसम विभाग की नजर बनी हुई है।