बिहार में गंडक का जलस्तर घटा, बाढ़ प्रबंधन में लापरवाही पर सात इंजीनियर निलंबित
- Post By Admin on Oct 05 2026
पटना : बिहार में पिछले दिनों बाढ़ की स्थिति पैदा करने वाली गंडक नदी का जलस्तर अब तेजी से नीचे आने लगा है। हालांकि कई स्थानों पर नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है। इसी बीच राज्य सरकार ने बाढ़ से निपटने और तटबंधों की सुरक्षा से जुड़े कार्यों में कथित लापरवाही को लेकर सात इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है और एक अन्य अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है।
जल संसाधन विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार सारण के रेवा घाट में गंडक का जलस्तर अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 177 सेंटीमीटर नीचे आ चुका है। यहां नदी अब खतरे के निशान से लगभग 50 सेंटीमीटर नीचे बताई गई है। वहीं वैशाली के लालगंज में जलस्तर में करीब 130 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई है, लेकिन नदी अभी भी खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर ऊपर है। विभाग के अनुसार लालगंज में भी अगले 24 घंटे के भीतर जलस्तर के खतरे के निशान से नीचे आने की संभावना जताई गई है। जलस्तर में कमी से बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है, हालांकि प्रशासन की ओर से निगरानी अभी जारी रखी जा रही है।
गंडक नदी में हालिया उफान के कारण बिहार के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी थी। नेपाल और आसपास के क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के बाद नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई थी। नासा की पृथ्वी निगरानी रिपोर्ट में भी इस दौरान गंडक के जलस्तर के कई हिस्सों में रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने का उल्लेख किया गया है। बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के साथ तटबंधों की सुरक्षा और जलस्तर की लगातार निगरानी को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार की ताजा कार्रवाई से यह भी संकेत मिला है कि बाढ़ प्रबंधन में जिम्मेदारी तय करने पर प्रशासन का जोर है।