भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में दान उत्सव पर युवा संवाद एवं स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित, अव्वल प्रतिभागी सम्मानित
- Post By Admin on Oct 08 2026
मुजफ्फरपुर: सदातपुर स्थित भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के विवेकानंद वंदना सभागार में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में दान उत्सव के अंतर्गत युवा संवाद एवं स्लोगन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार पाल, डी.एल.एड विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश चन्द्र एवं एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी रामजी यादव द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ हुआ। मंच का संचालन डी.एल.एड द्वितीय वर्ष की छात्राध्यापिका आर्या आराध्या ने कुशलतापूर्वक किया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी रामजी यादव ने दान के व्यापक अर्थ को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दान केवल धन तक सीमित नहीं है, बल्कि ज्ञान, कौशल और समय का दान समाज के लिए सबसे अधिक मूल्यवान है। विद्या दान, श्रम दान और रक्त दान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने स्वयंसेवकों से बाढ़ पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए अनाज दान करने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता डी.एल.एड विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश चन्द्र ने स्वयंसेवकों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि हमें अपनी क्षमतानुसार वस्तु, वस्त्र और समय देकर जरूरतमंदों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।
आयोजित युवा संवाद प्रतियोगिता में आलोक कुमार ने प्रथम, कोमल कुमारी ने द्वितीय और हिमांशु रमण ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं स्लोगन प्रतियोगिता में सुरुचि ओझा ने बाजी मारते हुए प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि नेहा भारती द्वितीय और कविता कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। सभी विजेता प्रतिभागियों को प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार पाल ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार पाल ने दान के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने राजा बलि और सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र के दानवीर स्वरूप का स्मरण कराते हुए कहा कि अन्न दान, श्रम दान, नेत्र दान, देह दान और पुस्तक दान समाज को नई दिशा देते हैं और इससे आत्मिक संतुष्टि की अनुभूति होती है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि महाविद्यालय जरूरतमंद प्रशिक्षुओं को शुल्क में छूट देकर उनकी शिक्षा को निरंतर बनाए रखने में सहयोग करता है।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डी.एल.एड प्रशिक्षु प्रतिभा कुमारी ने किया। इस अवसर पर डॉ. मिन्नी कुमारी, डॉ. अनामिका रानी, सरोज कुमार, शैलेन्द्र मिश्र, संजय कुमार गुप्त, मनोज कुमार, सुरेन्द्र प्रताप, राजन यादव, अभिषेक कुमार पाल, सिद्धेश्वर प्रताप पटेल सहित सभी शिक्षकेतर कर्मी मौजूद रहे। कार्यक्रम का औपचारिक समापन सामूहिक 'वन्दे मातरम्' गायन के साथ हुआ।