वैशाली नाव हादसा: भोज खाने जा रहे लोगों से भरी नाव डूबी, 11 बच्चों की मौत से मचा कोहराम
- Post By Admin on Oct 13 2026
वैशाली : जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात एक दर्दनाक नाव हादसे में 11 बच्चों की मौत हो गई। हादसे की खबर फैलते ही इलाके में मातम पसर गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि नाव पर सवार बच्चे भोज खाने के लिए ढाब के दूसरी ओर जा रहे थे, तभी बीच पानी में नाव डूब गई।
जानकारी के अनुसार, राघोपुर प्रखंड की रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला स्थित माता महारानी स्थान के निकट सिंघेश्वर राय के यहां भोज का आयोजन किया गया था। भोज में शामिल होने के लिए एक छोटी नाव पर करीब 15 से 20 बच्चे सवार होकर ढाब पार कर रहे थे। इसी दौरान नाव बीच ढाब में डूब गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही रामपुर श्यामचंद पंचायत सहित आसपास के गांवों के लोग घटनास्थल पर जुट गए। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए पानी में डूबे बच्चों को बाहर निकालने का प्रयास किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद कई बच्चों को बाहर निकाला गया। इसके बाद सभी को आनन-फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, राघोपुर फतेहपुर पहुंचाया गया ।
नाव हादसे के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राघोपुर फतेहपुर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोग पानी से निकाले गए बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद 11 बच्चों को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन जुट गए। अपने बच्चों को खोने वाले परिवारों में चीख-पुकार मची रही। हादसे की खबर से पूरे राघोपुर प्रखंड में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न गांवों से लोग घटनास्थल और अस्पताल पहुंचने लगे। स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव के प्रयास किए गए। पुलिस एवं प्रशासन को घटना की सूचना दिए जाने की बात कही गई है। हादसे के कारणों और पूरे घटनाक्रम को लेकर आगे की कार्रवाई जारी है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मृतकों में पिंकी कुमारी (13 वर्ष), पिता डोमन राय; अंकिता कुमारी (6 वर्ष), पिता राज किशोर राय; सुनीता कुमारी, पिता राज किशोर राय; आर्यन कुमार, पिता गिरधारी राय; अलीशा कुमारी (18 वर्ष), पिता सुरेश राय; सिकी कुमारी, पिता सुरेश राय; भोणू कुमारी, पिता रामप्रवेश राय; मीरा कुमारी, पिता लालू राय; और नमन कुमार (10 वर्ष), पिता मुकेश राय के नाम शामिल हैं। मृतकों के नाम और अन्य विवरणों की अधिकारिक पुष्टि अभी आवश्यक है। इस हृदयविदारक हादसे ने एक बार फिर छोटी नावों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने और नदी-ढाब पार करते समय सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को गंभीरता से सामने ला दिया है।