‘हमारी आवाज’ सम्मेलन में पत्रकारों के अधिकारों की गूंज, सरकार से समाधान की मांग

  • Post By Admin on Oct 25 2026
‘हमारी आवाज’ सम्मेलन में पत्रकारों के अधिकारों की गूंज, सरकार से समाधान की मांग

वैशाली : बिहार में पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, मान्यता और कार्यस्थल पर सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर रविवार को वैशाली जिले के जन्दाहा में ‘हमारी आवाज पत्रकार सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में पत्रकार सुरक्षा आयोग और पत्रकार कल्याण कोष के गठन के साथ-साथ ग्रामीण एवं प्रखंड स्तर पर कार्यरत पत्रकारों को मान्यता देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। सम्मेलन में बिहार सरकार के अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा और पूर्व वैशाली सांसद रामा किशोर सिंह सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

कार्यक्रम का उद्घाटन अतिथियों और वरिष्ठ पत्रकारों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं और उनकी सुरक्षा से जुड़े विषयों पर सरकार गंभीर है। लोकतंत्र को मजबूत बनाने और समाज की समस्याओं को सामने लाने में पत्रकारों की अहम भूमिका है। पत्रकार अपने पेशे के दौरान कई बार जोखिम उठाकर जनहित के मुद्दों को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाते हैं। मंत्री ने कहा कि मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी की ओर से रखी गई मांगों पर सरकार के स्तर पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। लंबे समय से पत्रकारिता कर रहे वरिष्ठ पत्रकारों, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले पत्रकारों को पेंशन योजना से जोड़ने की पहल की जाएगी। उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों के संरक्षण के लिए पत्रकार सुरक्षा आयोग तथा पत्रकार कल्याण कोष के गठन की मांग पर भी पहल की बात कही।

जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि पत्रकार समाज की आवाज उठाने के लिए कई तरह की चुनौतियों का सामना करते हैं। उनकी समस्याओं का समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में उठाई गई मांगों को लेकर वह मुख्यमंत्री से मिलेंगे और मांग पत्र सौंपकर उनके निदान की दिशा में पहल करेंगे। उन्होंने पत्रकारों के लिए बीमा और पेंशन जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया तथा कहा कि पत्रकारों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।

पूर्व सांसद रामा किशोर सिंह ने भी पत्रकारों की मांगों का समर्थन करते हुए प्रखंड स्तर पर कार्यरत पत्रकारों की सुविधाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रखंडों में पत्रकारों के लिए सरकारी स्तर पर बैठने की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे उन्हें अपने कार्यों के संचालन और जनसमस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में सुविधा मिले।

सम्मेलन में पत्रकारों की मांगों पर विस्तार से चर्चा के बाद उन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया। प्रमुख मांगों में बिहार पत्रकार संरक्षण आयोग का गठन, पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा, ग्रामीण एवं प्रखंड स्तरीय पत्रकारों को मान्यता प्राप्त पत्रकार का दर्जा देना तथा मान्यता आवेदन में प्रखंड स्तर का अलग कॉलम जोड़ना शामिल है। इसके साथ ही मान्यता प्रक्रिया में लागू कोटा प्रणाली समाप्त करने की मांग भी रखी गई।

पत्रकारों ने यह भी मांग की कि 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुके वरिष्ठ पत्रकारों को पेंशन योजना के दायरे में शामिल किया जाए। उनका कहना था कि लंबे समय तक पत्रकारिता के माध्यम से समाज की सेवा करने वाले लोगों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। इसके अलावा प्रेस क्लबों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने और प्रत्येक जिले के प्रेस क्लब में जिला प्रशासन की ओर से हर महीने पत्रकार गोष्ठी आयोजित करने की मांग भी उठाई गई, ताकि पत्रकारों और प्रशासन के बीच संवाद बना रहे तथा सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका प्रभावी हो सके।

सम्मेलन में वैशाली, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, बेतिया और सारण सहित विभिन्न जिलों के पत्रकारों के साथ नेपाल से आए पत्रकारों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के अध्यक्ष प्रभात कुमार ने की। जिला मंत्री सह कार्यक्रम संयोजक ब्रजेश ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि पत्रकार अमरेंद्र तिवारी ने मंच संचालन किया। वरिष्ठ पत्रकार मोहन कुमार सुधांशु और अनिरुद्ध राजा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर जिला बीस सूत्री सदस्य अशोक कुमार चौधरी, जिला पार्षद सह सीपीआई नेता मोहित पासवान, जन्दाहा थानाध्यक्ष अनामिका कुमारी, संगठन के मुजफ्फरपुर जिलाध्यक्ष रंजन कुमार सहित कई पत्रकार, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। सम्मेलन में पारित मांगों को सरकार तक पहुंचाने और पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए पहल करने पर जोर दिया गया।