विश्व कपास दिवस पर पर्यावरण भारती ने रोपे देव वृक्ष, स्व. डॉ. गौरव शंकर को दी श्रद्धांजलि

  • Post By Admin on Oct 07 2026
विश्व कपास दिवस पर पर्यावरण भारती ने रोपे देव वृक्ष, स्व. डॉ. गौरव शंकर को दी श्रद्धांजलि

पटना : राजधानी के राजेंद्र नगर स्थित शाखा मैदान परिसर में बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को विश्व कपास दिवस और दिवंगत हड्डी रोग विशेषज्ञ स्व. डॉ. गौरव शंकर की पुण्य स्मृति के उपलक्ष्य में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पितृपक्ष के पावन अवसर पर पर्यावरण भारती की ओर से देव वृक्ष पीपल और बरगद के पौधे रोपे गए। इस पौधारोपण अभियान का नेतृत्व पर्यावरण महानगर पेड़ प्रमुख हिमालय ने किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यावरण भारती के संस्थापक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक एवं अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली सदस्य राम बिलास शाण्डिल्य ने पर्यावरण के मूल घटकों को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण '5 ज' यानी जल, जमीन, जंगल, जानवर और जन (मानव) के संतुलन से निर्मित होता है। वर्तमान समय में बढ़ती जनसंख्या और वनों के अनियंत्रित कटान से यह संतुलन बिगड़ा है। धरती पर आवश्यक 33 प्रतिशत वन क्षेत्र के मुकाबले अब मात्र 15 प्रतिशत वन ही शेष हैं, जिसके चलते प्राकृतिक ऑक्सीजन का गंभीर संकट खड़ा हुआ है। उन्होंने आगाह किया कि भविष्य में ऑक्सीजन की कमी जैसी आपदाओं से बचाव के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने आसपास न्यूनतम 10 पौधे अवश्य लगाने चाहिए, क्योंकि प्रकृति संरक्षण का विकल्प विज्ञान के पास भी नहीं है।

संस्था की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 में राजेंद्र नगर से शुरू हुई पर्यावरण भारती अब तक 1,25,613 पौधे लगा चुकी है। इनमें से 80 प्रतिशत पौधे पूरी तरह सुरक्षित रहकर मानव समाज एवं जीव-जंतुओं को प्राणवायु और छाया प्रदान कर रहे हैं, जबकि लगभग 20 प्रतिशत पौधों की क्षति हुई है। इस अवसर पर पर्यावरण नारी शक्ति प्रांत प्रमुख डॉ. सरिता शंकर ने अपने दिवंगत परिजन स्व. डॉ. गौरव शंकर की पावन स्मृति में पीपल और बरगद के पौधे लगाए। भावुक होते हुए उन्होंने स्मरण किया कि डॉ. गौरव शंकर पटना के एक अत्यंत होनहार हड्डी रोग विशेषज्ञ और प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. आर. एन. सिंह के निष्ठावान शिष्य थे। कोरोना महामारी के दौर में उनके असामयिक निधन की क्षति अपूरणीय है और पितृपक्ष में उनकी स्मृति में देव वृक्ष लगाना सच्ची श्रद्धांजलि है।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण प्रांत टोली के सदस्य सुनील प्रसाद सिंह ने विश्व कपास दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि 7 अक्टूबर 2019 से विश्व व्यापार संगठन की पहल पर शुरू हुए इस दिवस का मुख्य ध्येय कपास उत्पादक किसानों को सम्मान देना है। किसानों के लिए कपास 'सफेद सोना' के समान है। वर्ष 2026 के लिए इस दिवस का आधिकारिक विषय 'खुशहाली के लिए कपास, व्यापार, बदलाव तथा साझेदारी के माध्यम से समृद्धि का निर्माण' तय किया गया है। इस पौधारोपण अभियान में डॉ. सरिता शंकर, आद्य देवी, अरुणा देवी, संजू सिन्हा, हिमालय, सुनील प्रसाद सिंह, राम बिलास शाण्डिल्य, प्रणव रंजन, संजय, मंटू, प्रवेश रंजन, जयंत मिश्र, नीरज कुमार और राकेश कुमार सहित अनेक पर्यावरण प्रेमियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।