बाबू लंगट सिंह का दूरदर्शी विजन आज भी समाज को दिखा रहा नई राह : प्रो. कनुप्रिया

  • Post By Admin on Oct 10 2026
बाबू लंगट सिंह का दूरदर्शी विजन आज भी समाज को दिखा रहा नई राह : प्रो. कनुप्रिया

मुजफ्फरपुर : लंगट सिंह कॉलेज में संस्थापक बाबू लंगट सिंह की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर प्राचार्या प्रो. कनुप्रिया सहित अन्य गणमान्य लोगों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद कॉलेज के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) में परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें बाबू लंगट सिंह के जीवन-मूल्यों, दूरदर्शी सोच और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्या प्रो. कनुप्रिया ने कहा कि बाबू लंगट सिंह दूरदर्शी व्यक्तित्व के धनी थे और उनकी सोच अपने समय से आगे की थी। उन्होंने लंगट सिंह कॉलेज की स्थापना कर शिक्षा के क्षेत्र में ऐसा योगदान दिया, जिसके लिए आने वाली पीढ़ियां भी उनकी ऋणी रहेंगी। उनकी उदारता, शिक्षा के प्रति समर्पण और समाज के विकास की भावना इस ऐतिहासिक महाविद्यालय के रूप में आज भी जीवंत है। प्राचार्या ने कहा कि बाबू लंगट सिंह का व्यक्तित्व और कृतित्व समाज की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने जिस उद्देश्य और संकल्प के साथ महाविद्यालय की स्थापना की थी, उसे पूरा करना सभी की जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना, उच्च शैक्षणिक मानकों को बनाए रखना और महाविद्यालय को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाना ही संस्थापक के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बाबू लंगट सिंह का विजन केवल महाविद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के विकास की मजबूत आधारशिला है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. भोजनंदन प्रसाद सिंह ने बाबू लंगट सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि वे केवल शिक्षाविद् ही नहीं, बल्कि समाज निर्माण के सच्चे पुरोधा थे। उन्होंने शिक्षा को माध्यम बनाकर नई पीढ़ी को जागरूक और सशक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। उनके विचार और कार्य आज भी समाज तथा शिक्षा जगत के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।

जयंती समारोह में प्रो. नवल किशोर सिंह, प्रो. एसआर चतुर्वेदी, प्रो. राजीव झा, प्रो. विजय कुमार, प्रो. पुष्पा कुमारी, डॉ. रितुराज कुमार, डॉ. वेदप्रकाश दुबे, डॉ. शशिकांत पांडेय, डॉ. राजेश अनुपम, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. रवि भूषण सिंह, डॉ. आनंद कुमार सिंह, सुजीत कुमार और गुरु प्रसाद कश्यप सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने बाबू लंगट सिंह के शैक्षणिक योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।