पर्यावरण भारती की पहल: मां की स्मृति में पौधारोपण, मानसिक स्वास्थ्य पर भी हुई चर्चा

  • Post By Admin on Oct 10 2026
पर्यावरण भारती की पहल: मां की स्मृति में पौधारोपण, मानसिक स्वास्थ्य पर भी हुई चर्चा

लखीसराय : चानन प्रखंड की भलुई पंचायत स्थित मननपुर बस्ती में स्वर्गीय सविता देवी की पुण्य स्मृति और विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर पर्यावरण भारती की ओर से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पीपल के तीन, बरगद का एक, गुड़हल का एक और करोटन का एक पौधा लगाया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी कुमार शान्तनु ने किया। आयोजन के माध्यम से पूर्वजों के प्रति सम्मान, पर्यावरण संरक्षण और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।

पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि पूर्वजों की स्मृति में पौधे लगाना प्रकृति के संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल है। उन्होंने सर्वपितृ अमावस्या के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि पितृपक्ष के अंतिम दिन पूर्वजों को स्मरण करने और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने की परंपरा है। इस अवसर पर पीपल और बरगद जैसे वृक्षों का रोपण पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी माध्यम है।

कार्यक्रम के दौरान कुमार शान्तनु ने अपनी माता स्वर्गीय सविता कुमारी की पुण्य स्मृति में पौधारोपण किया। उनके परिवार में पुत्र कुमार शान्तनु और पुत्रियां तनीषा राज तथा शिवालिका राज हैं। पौधारोपण के माध्यम से परिवार ने अपनी दिवंगत माता की स्मृति को प्रकृति संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया। राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और सुरक्षा भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से आश्विन माह में घरों के आसपास कम से कम दस पौधे लगाने और अगले पांच वर्षों तक उनकी सुरक्षा करने की अपील की। उन्होंने बताया कि पेड़-पौधे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, हरियाली बढ़ाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के महत्व पर चर्चा करते हुए शाण्डिल्य ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल भी शारीरिक स्वास्थ्य की तरह आवश्यक है। इस दिवस का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जरूरत पड़ने पर समय पर उचित सहायता लेने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने मानसिक परेशानी होने पर विशेषज्ञों से परामर्श लेने और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने पर जोर दिया।उन्होंने बताया कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पहली बार 10 अक्टूबर 1992 को मनाया गया था। वर्ष 2026 की थीम में लोगों के जीवन के अनुभवों को सुनने, उनकी वास्तविक आवाज को महत्व देने और इसके माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने पर जोर दिया गया है। उनके अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के साथ प्रकृति से जुड़ना और पौधारोपण जैसे रचनात्मक कार्य करना भी समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का माध्यम बन सकता है।

पौधारोपण कार्यक्रम में कुमार शान्तनु, अशोक कुमार, अरुण कुमार सिंह, राजेश गर्ग, सुनील कुमार, सुरेंद्र प्रसाद, सुनील सिंह, आरजू वर्णवाल, राम बिलास शाण्डिल्य, दीपक कुमार और अक्षत राज सहित अन्य लोगों ने भाग लिया। सभी ने पौधों की देखभाल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम के जरिए लोगों से अपील की गई कि वे अपने प्रियजनों की स्मृति को पौधारोपण जैसे सकारात्मक कार्यों से जोड़ें और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी योगदान दें।