‘पहले पढ़ाई, तब विदाई’ के नारों से गूंजा कजरा, छात्राओं ने बाल विवाह के खिलाफ निकाली रैली
- Post By Admin on Oct 10 2026
लखीसराय : अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बाल विवाह रोकने और बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से लखीसराय जिले के कजरा स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय में जागरूकता रैली सह संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास निगम, लखीसराय की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और बाल विवाह के विरोध में आवाज बुलंद की।
कार्यक्रम का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास निगम के जिला परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार सिन्हा, जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार, लैंगिक विशेषज्ञ किस्मत कुमारी और नवीन कुमार, विद्यालय के प्रधानाध्यापक शशिकांत प्रसाद तथा विकासार्थ ट्रस्ट के जिला समन्वयक संजय कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जिला परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार सिन्हा ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 11 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। इसी के तहत छात्राओं के बीच जागरूकता रैली और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष का विषय बाल विवाह समाप्त करने और बालिकाओं के अधिकारों में निवेश करने पर केंद्रित है।
महिला सशक्तिकरण केंद्र के जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, अधिकारों और लैंगिक समानता के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने छात्राओं से अपने अधिकारों को समझने और किसी भी प्रकार के भेदभाव के खिलाफ सजग रहने की अपील की। विकासार्थ ट्रस्ट के जिला समन्वयक संजय कुमार ने बाल विवाह को समाज के विकास में बाधक बताते हुए कहा कि इस कुप्रथा को समाप्त करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। बाल विवाह का प्रभाव केवल लड़कियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे पूरे समाज और देश की प्रगति प्रभावित होती है। कार्यक्रम के दौरान लैंगिक विशेषज्ञ किस्मत कुमारी ने उपस्थित लोगों को बाल विवाह की रोकथाम के लिए सामूहिक शपथ दिलाई। इसके बाद छात्राओं के साथ संवाद किया गया, जिसमें उन्होंने अपने विचार, अनुभव और भविष्य के सपने साझा किए।
संवाद के दौरान आठवीं कक्षा की छात्रा अंशिका ने बताया कि उसे पहले बाल विवाह के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं थी। वहीं सातवीं कक्षा की छात्रा राधिका ने महिला हेल्पलाइन नंबर 181 के बारे में जानकारी मिलने की बात कही। साक्षी, ऋषिका सहित अन्य छात्राओं ने भी खुलकर अपनी बातें रखीं और महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के बाद विद्यालय की छात्राओं ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बाल विवाह निषेध, लैंगिक समानता और महिला अधिकारों से जुड़े संदेशों के साथ जागरूकता रैली निकाली। महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से उपलब्ध कराई गई संबंधित संदेशों वाली टी-शर्ट और टोपी पहनकर छात्राएं गांव की गलियों से गुजरीं। रैली के दौरान ‘पढ़ाई का अभी उम्र है, बाल विवाह जुर्म है’, ‘पहले पढ़ाई, तब विदाई’, ‘बेटी है तो कल है’ और ‘महिला की साथी, 181’ जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।
इस अवसर पर लैंगिक विशेषज्ञ नवीन कुमार, शिक्षक राहुल और रोहित सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक मौजूद रहे। छात्राओं में आइशा, वंदना, निशिका, सुरुचि, रिया, प्रिया सहित दर्जनों छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाध्यापक शशिकांत प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। बाल विवाह रोकने और बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर देने से ही समानता और सशक्तिकरण की दिशा में सार्थक बदलाव लाया जा सकता है।