SIR के विरोध में पुतला दहन, मतदाता सूची से हटाए गए नामों को जोड़ने और प्रक्रिया पर रोक लगाने की उठाई मांग
- Post By Admin on Oct 10 2026
मुजफ्फरपुर : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग को लेकर शनिवार को मुजफ्फरपुर में एसयूसीआई (कम्युनिस्ट), युवा संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गनाइजेशन (एआईडीवाईओ) और छात्र संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (एआईडीएसओ) की ओर से जुलूस निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कंपनी बाग स्थित प्रधान डाकघर चौक पर मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया।
जुलूस की शुरुआत मोतीझील से हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारी छोटी कल्याणी, सरैयागंज टावर, जवाहरलाल रोड, कंपनी बाग, सदर अस्पताल रोड और समाहरणालय होते हुए प्रधान डाकघर चौक पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का विरोध किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने, हटाए गए नामों को अविलंब मतदाता सूची में शामिल करने और एसआईआर की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
पुतला दहन के बाद सभा को संबोधित करते हुए एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के बिहार राज्य कमेटी सदस्य अर्जुन कुमार ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में 23 सितंबर 2026 को एसआईआर से संबंधित प्रकाशित खुलासों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्तों के बीच एसआईआर के विभिन्न पहलुओं पर आपत्तियां थीं, इसके बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एकतरफा फैसले लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन फैसलों से सत्ताधारी भाजपा को चुनावी लाभ पहुंचाने की कोशिश हुई। अर्जुन कुमार ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला बताते हुए विरोध-प्रदर्शन करने के अधिकार पर कथित अंकुश की भी आलोचना की। अर्जुन कुमार ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और पटना में जुलूस के दौरान एआईडीएसओ के राज्य अध्यक्ष विजय कुमार एवं राज्य सचिव पवन कुमार को गिरफ्तार किए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को अविलंब रिहा करने की मांग की।
एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के मुजफ्फरपुर नगर जिला सचिव अमन कुमार झा ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदान से वंचित न रहे। उन्होंने एसआईआर के तहत दस्तावेजों की मांग और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे गरीब और वंचित तबके के लोगों के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से क्षेत्र में रह रहे लोगों को भी संदेह के दायरे में लाया जा रहा है। उन्होंने आम लोगों से इस मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील की।
सभा को काशीनाथ साहनी, लाल बाबू राय, माधव भगत, एआईडीवाईओ के अखिल भारतीय कमेटी सदस्य अरविंद कुमार, एआईडीएसओ के जिला अध्यक्ष शिव कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। इस दौरान कुमोद राम, संजीत मांझी, शत्रुघ्न महतो, रंजीत कुमार, विपिन शाही, मोहम्मद कलाम, कंचन कुमारी, इंदू देवी, रूपा कुमारी और दीपमाला समेत कई लोग मौजूद रहे।कार्यक्रम के माध्यम से संगठनों ने एसआईआर की प्रक्रिया, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने मताधिकार की सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।