सीईसी के खिलाफ प्रदर्शन के बीच 17 लोग गिरफ्तार, महिला पत्रकारों की शिकायत पर एफआईआर की मांग

  • Post By Admin on Oct 05 2026
सीईसी के खिलाफ प्रदर्शन के बीच 17 लोग गिरफ्तार, महिला पत्रकारों की शिकायत पर एफआईआर की मांग

नई दिल्ली : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच सोमवार को एक बार फिर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। संसद मार्ग थाने के बाहर रातभर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने सुबह हिरासत में ले लिया। करीब 17 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें स्वतंत्र पत्रकार, यूट्यूबर और तीन महिला पत्रकारों में से एक भी शामिल बताई गई हैं, जिन्होंने 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर कथित दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। 

प्रदर्शनकारी महिला पत्रकारों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि पुलिस से शिकायत के बाद भी उन्हें मामले की प्रगति और घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। इसी मांग को लेकर कुछ प्रदर्शनकारी रविवार शाम से सोमवार सुबह तक संसद मार्ग थाने के बाहर मौजूद रहे। सुबह पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर दिल्ली कैंट थाने भेज दिया।

दिल्ली पुलिस के अनुसार नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत सार्वजनिक जमावड़े पर प्रतिबंध लागू है। पुलिस का कहना है कि संसद मार्ग प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान नहीं है और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटने के लिए कहा गया था। पुलिस के मुताबिक निर्देश नहीं मानने पर उन्हें हिरासत में लिया गया। पुलिस ने यह भी बताया कि तीन महिला पत्रकारों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं और मामले को जांच के लिए अपराध शाखा को सौंप दिया गया है। शिकायतों के संबंध में बयान दर्ज किए जा चुके हैं और घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।

इससे पहले रविवार को प्रदर्शन का तीसरा दिन भी काफी तनावपूर्ण रहा था। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अलग-अलग संगठनों की ओर से मार्च निकालने की कोशिश की गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई स्थानों पर टकराव की स्थिति बनी और 120 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई। हिरासत में लिए गए लोगों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी शामिल थीं। पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं होने का हवाला दिया था।

प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर उठाए जा रहे सवाल हैं। प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है और विशेष गहन पुनरीक्षण को मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया बताया गया है। ऐसे में दिल्ली में प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक संगठनों तथा प्रशासन के बीच टकराव बना हुआ है। 

सोमवार को भारतीय युवा कांग्रेस और एनएसयूआई की ओर से भी दिल्ली में अलग-अलग विरोध कार्यक्रम किए गए। इन संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता तथा जांच की मांग की।

फिलहाल सोमवार के घटनाक्रम में सबसे प्रमुख बात संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे करीब 17 लोगों की हिरासत और महिला पत्रकारों की शिकायतों की जांच है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि शिकायतों की जांच अपराध शाखा कर रही है, जबकि प्रदर्शनकारी एफआईआर दर्ज करने और सीसीटीवी फुटेज की जांच सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।