जियो के शेयर खरीदने की होड़, आईपीओ से पहले बड़े निवेशकों की भारी दिलचस्पी
- Post By Admin on Oct 17 2026
मुंबई : जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को लेकर शेयर बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ती दिखाई दे रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आईपीओ खुलने से पहले ही बड़े घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए की शुरुआती मांग सामने आई है। यह प्रस्तावित 30,200 करोड़ रुपए के इश्यू आकार से आठ गुना से भी अधिक है। हालांकि, यह आंकड़ा शुरुआती रुचि पर आधारित बताया गया है, इसे आईपीओ खुलने के बाद मिलने वाली वास्तविक सदस्यता नहीं माना जा सकता।
रिपोर्टों के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में विदेशी निवेश फंड, सरकारी संपत्ति प्रबंधन संस्थाएं, बड़े म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियां दिलचस्पी दिखा रही हैं। संभावित निवेशकों में जीआईसी, नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे संस्थानों के नाम सामने आए हैं। इसके अलावा ब्लैकरॉक, फिडेलिटी और कैपिटल ग्रुप जैसे अंतरराष्ट्रीय निवेश समूहों की रुचि की भी चर्चा है।
घरेलू संस्थागत निवेशकों में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), एसबीआई म्यूचुअल फंड और एचडीएफसी म्यूचुअल फंड के नाम बताए जा रहे हैं। इन बड़े निवेशकों की शुरुआती दिलचस्पी को प्रस्तावित आईपीओ के प्रति बाजार की प्रतिक्रिया के अहम संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अंतिम निवेश और आवंटन की तस्वीर औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
इस बीच, खुदरा निवेशकों के लिए भी आईपीओ में आवेदन की तैयारी शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार, कुछ ब्रोकरेज मंचों पर प्री-अप्लाई यानी अग्रिम आवेदन दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके तहत निवेशक आईपीओ खुलने से पहले अपनी रुचि और आवेदन का विवरण दर्ज कर सकते हैं। यह प्रक्रिया औपचारिक सदस्यता अवधि से अलग है और इसे आवेदन की अंतिम स्वीकृति या शेयर आवंटन की गारंटी नहीं समझना चाहिए।
दिए गए विवरण के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का मूल्य दायरा 1,065 रुपए से 1,119 रुपए प्रति शेयर निर्धारित है। न्यूनतम आवेदन एक लॉट यानी 12 शेयरों के लिए करना होगा। ऊपरी मूल्य पर एक लॉट के लिए निवेशकों को 13,428 रुपए लगाने होंगे। वास्तविक आवेदन से पहले निवेशकों को संबंधित ब्रोकरेज मंच और आधिकारिक आईपीओ दस्तावेजों में उपलब्ध विवरण की पुष्टि करनी चाहिए।
प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक, बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए एंकर बिडिंग 19 अक्टूबर को होगी। इसके बाद आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर तक आवेदन किए जा सकेंगे। एंकर निवेशकों के आवंटन से संस्थागत मांग की स्थिति को लेकर कुछ और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
फिलहाल, आईपीओ खुलने से पहले सामने आए मांग के आंकड़े निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। लेकिन शुरुआती मांग और वास्तविक सदस्यता में अंतर हो सकता है। इसलिए निवेशकों के लिए जरूरी होगा कि वे कंपनी से संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों, मूल्यांकन, जोखिमों और अपनी वित्तीय स्थिति का आकलन करने के बाद ही निवेश का निर्णय लें।