अब चश्मे से होगा डिजिटल भुगतान! जियो AI ग्लास के फीचर्स ने खींचा ध्यान
- Post By Admin on Oct 10 2026
नई दिल्ली : अब खरीदारी के दौरान भुगतान करने, दूसरी भाषा बोलने वाले व्यक्ति से बातचीत करने या क्रिकेट मैच का हाल जानने के लिए बार-बार मोबाइल निकालने की जरूरत कम हो सकती है। रिलायंस जियो ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में अपने नए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पहनने योग्य उपकरणों की झलक पेश की है। इस रेंज में कैमरा ग्लास, ऑडियो ग्लास और ईयरफोन शामिल हैं, जिनमें आवाज के जरिए कई काम करने की सुविधा दी गई है।
जियो की ओर से प्रदर्शित इन उपकरणों में क्यूआर कोड के जरिए भुगतान, आवाज से निर्देश देने वाला सहायक, भारतीय भाषाओं के लिए समर्थन, तत्काल भाषा अनुवाद, बैठक के जरूरी बिंदुओं को नोट करने और लाइव क्रिकेट कमेंट्री सुनने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। कंपनी का जोर ऐसी तकनीक विकसित करने पर है, जिससे कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल मोबाइल की स्क्रीन पर निर्भर हुए बिना भी किया जा सके।
आवाज से निर्देश देकर कर सकेंगे UPI भुगतान
जियो AI ग्लास का सबसे चर्चित फीचर स्कैन एंड पे है। इसकी मदद से उपयोगकर्ता कैमरा ग्लास के जरिए दुकान पर लगे यूपीआई क्यूआर कोड को स्कैन कर सकेगा। इसके बाद आवाज से भुगतान का निर्देश दिया जा सकेगा। जरूरी पुष्टि के बाद भुगतान की प्रक्रिया पूरी होगी। इससे हर बार मोबाइल निकालने, उसे अनलॉक करने, भुगतान वाला ऐप खोलने और क्यूआर कोड स्कैन करने के कई चरण कम हो सकते हैं। इस सुविधा में यूपीआई सर्किल के तहत एक बार में 5,000 रुपए तक भुगतान की सीमा बताई गई है। इसकी मासिक सीमा 15,000 रुपए है। ये सीमाएं यूपीआई सर्किल के लागू नियमों के तहत निर्धारित हैं, न कि जियो की ओर से तय की गई अलग सीमा के रूप में। भुगतान से पहले उपयोगकर्ता की पुष्टि और लागू सुरक्षा प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
अलग-अलग भारतीय भाषाओं में बातचीत होगी आसान
इन उपकरणों का एक अन्य प्रमुख उपयोग तत्काल भाषा अनुवाद है। इसके जरिए अलग-अलग भारतीय भाषाएं बोलने वाले लोगों के बीच बातचीत को आसान बनाने की कोशिश की गई है। उपयोगकर्ता अपनी भाषा में बात कर सकेगा, जबकि सामने वाले व्यक्ति की भाषा समझने में एआई आधारित अनुवाद मदद करेगा। भारत जैसे बहुभाषी देश में यह सुविधा यात्रा, कारोबार, कामकाज और रोजमर्रा के संवाद में उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि, अलग-अलग भाषाओं और परिस्थितियों में अनुवाद की सटीकता वास्तविक इस्तेमाल के दौरान महत्वपूर्ण रहेगी।
बैठक के नोट्स और क्रिकेट कमेंट्री भी मिलेगी
जियो के एआई उपकरणों में नोट्स तैयार करने की सुविधा भी दिखाई गई है। इसका उद्देश्य बैठक या बातचीत के दौरान सामने आई महत्वपूर्ण जानकारियों को दर्ज करने में मदद करना है। इससे उपयोगकर्ताओं को जरूरी बिंदु याद रखने और बाद में उन पर काम करने में आसानी हो सकती है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए लाइव कमेंट्री का फीचर भी आकर्षण का केंद्र है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता बार-बार मोबाइल की स्क्रीन देखे बिना मैच से जुड़ी जानकारी और कमेंट्री सुन सकता है। इस तरह कार्यालय की बैठक से लेकर यात्रा और खेल के रोमांच तक, अलग-अलग परिस्थितियों में इन उपकरणों का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
आवाज और भारतीय भाषाओं पर कंपनी का जोर
जियो के अनुसार, इन उपकरणों का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से लोगों की उत्पादकता बढ़ाना, जानकारी तक पहुंच आसान करना और रोजमर्रा के कामों को सरल बनाना है। आवाज के जरिए निर्देश देने और भारतीय भाषाओं को महत्व देने से उन लोगों के लिए भी ऐसी तकनीक का उपयोग सहज बनाने की कोशिश है, जो हर काम के लिए मोबाइल की स्क्रीन पर निर्भर नहीं रहना चाहते। स्मार्ट ग्लास की अवधारणा पहले से मौजूद है, लेकिन भुगतान, भाषा अनुवाद, बैठक के नोट्स और क्रिकेट कमेंट्री जैसी सुविधाओं को एक साथ पेश करना भारतीय उपयोगकर्ताओं की जरूरतों से इसे जोड़ता है। हालांकि, इन सुविधाओं की वास्तविक उपयोगिता, उपलब्धता और इस्तेमाल की शर्तों का आकलन इनके व्यावसायिक रूप से उपलब्ध होने तथा वास्तविक परिस्थितियों में प्रदर्शन के आधार पर किया जा सकेगा।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में जियो का यह प्रदर्शन पहनने योग्य तकनीक के संभावित भविष्य की झलक देता है, जहां मोबाइल फोन का इस्तेमाल किए बिना भी आवाज और एआई की मदद से कई डिजिटल काम किए जा सकेंगे।