खुटहा प्लस टू विद्यालय में छात्रों को मिला आपदा प्रबंधन का पाठ, सीखे सीपीआर और बचाव के गुर
- Post By Admin on Oct 13 2026
लखीसराय : पीएम श्री प्लस टू उच्च विद्यालय खुटहा में 13 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर भव्य जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में खुटहा पश्चिमी पंचायत के सामुदायिक स्वयंसेवकों सहित लगभग एक दर्जन प्रशिक्षित आपदा मित्रों ने भाग लिया। साथ ही मोहनपुर और रामचंद्रपुर से आए आपदा मित्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए छात्र-छात्राओं को आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए सैद्धांतिक और व्यावहारिक गुर सिखाए।
कार्यक्रम के दौरान भूकंप, भूस्खलन और चक्रवात जैसी प्राकृतिक व मानवजनित आपदाओं के कारणों, संभावित खतरों तथा उनसे बचाव के सुरक्षा उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि संकट के समय घबराने के बजाय सतर्कता, सूझबूझ, त्वरित निर्णय और सामूहिक सहयोग से जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सकता है।
विद्यालय के वरीय विशिष्ट शिक्षक एवं आपदा प्रबंधन/मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के राज्य स्तरीय साधन सेवी डॉ. मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि आपदा से बचाव के लिए जागरूकता और जीवन रक्षक कौशल बेहद जरूरी हैं। उन्होंने पूर्व तैयारी, समय पर चेतावनी, सुरक्षित निकासी और आपदा उपरांत राहत व पुनर्वास की महत्ता को रेखांकित किया। विशेष रूप से 'गोल्डन आवर' (स्वर्णिम समय) की चर्चा करते हुए उन्होंने सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन), रक्तस्राव रोकने के प्राथमिक उपाय, पट्टी बांधना, घायलों की सुरक्षित निकासी और भीड़ प्रबंधन की जानकारी दी। इसके साथ ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।
प्रशिक्षित आपदा मित्रों ने छात्र-छात्राओं को किसी भी आपदा के दौरान अफवाहों से बचने और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने का संदेश दिया। इस मौके पर समीर कुमार, कन्हैया कुमार, शिवम कुमार, गणेश कुमार, पवन कुमार, हरवंश कुमार, मणि कुमार सहित अन्य स्वयंसेवक उपस्थित थे। वहीं विद्यालय के शिक्षक चुनचुन कुमार, बिजेंद्र कुमार, प्रशांत कुमार सिंह, बेलाल अहमद, रतन कुमार, योगेश कुमार और विकास कुमार सहित सभी कर्मियों व विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि आपदा सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सजगता और सामूहिक सहभागिता से जुड़ा दायित्व है।