विविध समाचार
- Post by Admin on Dec 21 2025
नई दिल्ली : अक्सर गाली देना बदतमीजी या गुस्से की अभिव्यक्ति माना जाता है, लेकिन अब विज्ञान इसे एक अलग नजरिए से देख रहा है। हालिया शोध में दावा किया गया है कि गाली देना न केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया है, बल्कि यह शरीर की ताकत और हिम्मत को कुछ समय के लिए बढ़ा भी सकता है। यानी कठिन हालात में मुंह से निकली एक गाली शरीर के भीतर छुपी ऊर्जा को जगा सकती है। इस शोध का नेतृत्व ब्रिटेन à read more
- Post by Admin on Dec 17 2025
नई दिल्ली : साल 2025 अपने समापन के नजदीक है। देश के राजनीतिक परिदृश्य से यह साल काफी अहम रहा। पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों के बीच विवाद देखा गया। कई बड़े विवादों ने सत्ता, विपक्ष और जनता के बीच तनाव बढ़ाया। इनमें अंतरराष्ट्रीय तनाव से लेकर घरेलू चुनावी मुद्दे, कानूनी सुधार और सामाजिक मामले शामिल रहे। हम ऐसे ही कई मुद्दों को जानने की कोशिश करते हैं। भारतीय राजनीति में ठread more
- Post by Admin on Dec 17 2025
नई दिल्ली : साल 2025 अब खत्म होने वाला है। 2025 का ये आखिरी महीना चल रहा है और इस साल कई अच्छी और बुरी घटनाएं हमें देखने को मिलीं। कुछ घटनाएं हमारी आंखों को नम कर गईं, तो कुछ घटनाएं दिलों को खुशियों से भर गईं। ऐसे में जानते हैं दुनिया की कुछ ऐसी घटनाएं, जिन्होंने खूब सुर्खियां बटोरीं। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में आतंकियों ने घुसकर पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर उनकी हतॠread more
- Post by Admin on Dec 14 2025
नई दिल्ली : हल्दी सिर्फ रसोई का स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं है, बल्कि आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल सदियों से शरीर के रोगों से लड़ने में किया जा रहा है। हल्दी संक्रमण और रोगों से बचाती है, लेकिन त्वचा के लिए किसी हाइड्रा फेशियल से कम नहीं है। ये शरीर को भीतर से विषमुक्त करती है, रक्त को शुद्ध रखती है और त्वचा के गहरे स्तरों तक सूजन, रूखापन और बैक्टीरियल प्रभाव को खत्म read more
- Post by Admin on Oct 05 2025
बरसात आई, बदरा छाए, गांव के रस्ते फिर दलदल पाए । तीन दिन से नभ झुका हुआ, धरती का आंचल भीगा हुआ। कुएं का पानी , पोखर लबालब, छत से टपके बूंदों का जलतरंग सब। मां कहे- "झपसी लागल रे बेटा !" खेतन में सोने लगल है मेड़ा। गाय बंधी बथान में चुपचाप, चूल्हा बुझा, उठे धुंआ आप। बालक खेले छप्पर के नीचे, कागज की नाव चले धीरे-धीरे। पानी में भींगती है आस, ठread more
- Post by Admin on Oct 03 2025
नई दिल्ली : जीवन की तेज़ रफ्तार और बढ़ते तनाव के बीच मुस्कुराना अब लोगों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। कभी ऑफिस का दबाव, कभी घर की जिम्मेदारियां, कभी रिश्तों की उलझन और कभी भविष्य की चिंता—इन सबके बीच हम अक्सर अपनी मुस्कान खो देते हैं। लेकिन एक छोटी सी मुस्कान किसी का दिन बना सकती है और जीवन की दिशा बदल सकती है। इसी भावना के साथ हर साल अक्टूबर के पहले शुक्रवार को दुनिया à read more
- Post by Admin on Sep 29 2025
बिहार की शिक्षा व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में है। "सब पढ़ें, सब बढ़ें" जैसे नारों और "गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा" के स्लोगन के बीच अब सरकारी विद्यालयों की जमीनी हकीकत चिंताजनक हो गई है। शिक्षा विभाग के लगातार नए-नए प्रयोगों का खामियाजा सबसे ज्यादा दबे-कुचले और वंचित समाज के बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। विद्यालयों में पढ़ाई का वातावरण बनाने की बजाय आंकड़ों और डाटा संग्र read more
- Post by Admin on Sep 28 2025
मुजफ्फरपुर : बदलती जीवनशैली और आधुनिक सुविधाओं की चाह ने युवा पीढ़ी को कर्ज के ऐसे जाल में उलझा दिया है, जिससे निकलना कठिन होता जा रहा है। नौकरी शुरू होते ही घर, गाड़ी, मोबाइल, ए.सी., फर्नीचर जैसी सुविधाओं को तुरंत पाने की चाह में युवा बिना सोचे-समझे लोन लेने की प्रवृत्ति में फंसते जा रहे हैं। बैंकों और वित्तीय संस्थानों की आसान किस्तें और आकर्षक ऑफर्स इस प्रवृत्ति को और बढठread more
- Post by Admin on Sep 23 2025
नई दिल्ली : कल्पना कीजिए उस दौर की जब महिलाओं का जीवन घर की चारदीवारी तक ही सीमित था। चूल्हा-चौका, बच्चों की परवरिश और परिवार की देखभाल ही उनके दायरे में आती थी। ऐसे समय में भीकाजी कामा ने इन सभी सीमाओं को तोड़कर इतिहास रच दिया। उन्होंने केवल अपने घर की दहलीज ही नहीं पार की, बल्कि विदेशी जमीन से भारत की आज़ादी की आवाज़ को विश्व पटल पर बुलंद किया। भीकाजी कामा भारतीय स्वत read more
- Post by Admin on Sep 20 2025
बेंगलुरु : बेंगलुरु सिटी (कर्नाटक) के होम्योपैथिक चिकित्सक और क्रॉनिक डिजीज एवं किडनी स्टोन विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार सिंह ने एक लेख में शिक्षा व्यवस्था और प्राचार्यों की भूमिका पर गहन विचार व्यक्त किए हैं। उनका कहना है कि समाज में यह गलत धारणा बन चुकी है कि बड़े कॉलेज का प्राचार्य, छोटे कॉलेज के प्राचार्य से अधिक महान होता है, जबकि वास्तविकता यह है कि महानता का आकलन कॉलेज à read more